सीएम सैनी बंसीलाल परिवार की उत्तराधिकारी को दे रहे पूर्ण महत्व, बंसीलाल के गढ़ में नई राजनीतिक रणनीति
punjabkesari.in Sunday, Apr 12, 2026 - 07:45 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा की राजनीति में एक समय जिस क्षेत्र को चौधरी बंसीलाल का अटूट गढ़ माना जाता था, उसी भिवानी-चरखी दादरी बेल्ट में अब भारतीय जनता पार्टी अपनी पकड़ को और मजबूत करने में जुटी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस रणनीति को जमीनी स्तर पर लागू करते हुए राजनीतिक संतुलन और सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रख रहे हैं।
भिवानी, चरखी दादरी, हिसार और महेंद्रगढ़ जैसे क्षेत्रों में भाजपा पहले से मजबूत स्थिति में है, लेकिन इन्हें पूरी तरह “भाजपामय” करने के लिए सैनी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
श्रुति चौधरी को प्रमुखता: संदेश साफ
इस राजनीतिक रणनीति का सबसे अहम संकेत तब मिला जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दादरी रैली के लिए श्रुति चौधरी को अपने साथ विमान में लेकर गए। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। श्रुति चौधरी, जो किरण चौधरी की बेटी और सुरेंद्र सिंह की पुत्री हैं, बंसीलाल परिवार की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्हें लगातार मंच और महत्व देकर भाजपा इस क्षेत्र में पारंपरिक राजनीतिक प्रभाव को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है।
तीन लालों से चौथे लाल तक: बदलती राजनीति
हरियाणा की राजनीति लंबे समय तक तीन बड़े नेताओं—चौधरी देवीलाल, भजनलाल और चौधरी बंसीलाल—के इर्द-गिर्द घूमती रही। भाजपा के सत्ता में आने के बाद मनोहर लाल खट्टर के रूप में “चौथे लाल” का उदय हुआ और अब उसी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए सैनी नई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं।
संतुलन की राजनीति: जातीय और क्षेत्रीय समीकरण
मुख्यमंत्री सैनी की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वे केवल राजनीतिक विस्तार ही नहीं, बल्कि जातीय और भौगोलिक संतुलन को भी साध रहे हैं। अहीरवाल से लेकर बांगड़ बेल्ट तक विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय नेताओं को सम्मान और प्रतिनिधित्व देकर वे संगठन को मजबूत बना रहे हैं।
उत्तराधिकार की घोषणा और भाजपा का लाभ
हाल ही में किरण चौधरी ने अपनी बढ़ती आयु का हवाला देते हुए श्रुति चौधरी को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया है। इस फैसले के बाद सैनी द्वारा श्रुति को प्राथमिकता देना भाजपा के लिए एक रणनीतिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे भाजपा को भिवानी क्षेत्र में पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने और अपनी स्थिति को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष: रणनीति, सम्मान और विस्तार का संगम
भिवानी बेल्ट में भाजपा का विस्तार केवल संगठनात्मक मजबूती का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है जिसमें परंपरागत राजनीतिक परिवारों को सम्मान देकर नए समीकरण बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि हरियाणा की राजनीति में अब केवल सत्ता नहीं, बल्कि संतुलन, सम्मान और सामंजस्य भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं।
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