गैंगस्टर लिपिन नेहरा के गुर्गे की जमानत याचिका रद्द, जानें पूरा मामला
punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 10:09 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): जिला एवं सत्र न्यायालय ने गैंगस्टर लिपिन नेहरा के एक सक्रिय गुर्गे झज्जर निवासी आर्य को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। रंगदारी और धमकी देने के मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने मामले की गंभीरता और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे जेल में ही रखने का आदेश दिया है।
गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर क्लिक करें।
पूरा मामला अगस्त 2023 का है। जब पटौदी क्षेत्र के एक प्रॉपर्टी डीलर नकेश कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया था कि उसके पास एक धमकी भरा फोन कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को कुख्यात गैंगस्टर लिपिन नेहरा बताया। आरोपी ने नकेश से मोटी रंगदारी की मांग की और धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो वह उसे गुड़गांव में रहने नहीं देगा। पुलिस ने इस शिकायत पर पटौदी थाने में रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि आरोपी 5 जून 2024 से न्यायिक हिरासत में है और उससे अब कुछ भी बरामद किया जाना बाकी नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया कि मामले के अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, इसलिए उसे भी रिहा किया जाए। दूसरी ओर, सरकारी वकील (अभियोजन पक्ष) ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि आरोपी एक खतरनाक गैंग का हिस्सा है और उसके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अभियोजन ने कोर्ट को बताया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना लिपिन नेहरा कनाडा से अपनी गतिविधियां चला रहा है और ऐसे में आरोपी को बाहर छोड़ना गवाहों की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। कोर्ट ने कहा कि गैंगस्टर के नाम पर फिरौती मांगना समाज में भय पैदा करने वाला कृत्य है, ऐसे में आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।