अदालतें खाली, दफ्तरों में बाबू बने वकील! HC हुआ सख्त.... 285 लीगल अफसरों की तुरंत होगी घर वापसी
punjabkesari.in Saturday, May 16, 2026 - 02:05 PM (IST)
चंडीगढ़ : हरियाणा की जिला अदालतों में अभियोजन व्यवस्था की गंभीर कमी पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाया। हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जिला अदालतें कानून अधिकारियों की भारी कमी से जूझ रही हैं, जिससे आपराधिक मामलों की सुनवाई और ट्रायल बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि विभिन्न विभागों, बोडौँ और निगमों में प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए 285 जिला अटार्नी, डिप्टी जिला अटार्नी और सहायक जिला अटार्नी को तत्काल प्रभाव से वापस बुलाकर एक सप्ताह के भीतर जिला अदालतों में तैनात किया जाए।
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे की समीक्षा के दौरान पाया कि प्रशिक्षित कानून अधिकारियों की बड़ी संख्या अदालतों की बजाय गैर-न्यायिक कार्यों में लगाई गई है। इससे निचली अदालतों में अभियोजन पक्ष की रीढ़ माने जाने वाले अधिकारियों का गंभीर अभाव बना हुआ है। अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस स्थिति ने न्यायिक प्रक्रिया को बाधित कर दिया है और मुकदमों के निस्तारण में अनावश्यक देरी हो रही है।