मौसम ने किसानों के चेहरे पर लिख दी खुशी की इबारत, ठिठुरन वाली ठंढ से फसलों को होगा फायदा
punjabkesari.in Monday, Jan 01, 2024 - 05:59 PM (IST)
चंडीगढ़(चंद्र शेखर धरणी): पौष के एकदम सर्द महीने में मौसम आम लोगों को ठिठुरने पर विवश कर रहा है। हाथ-पांव ठंडे होने के कारण लोगों को अपने शरीर में जकडऩ सी लगने लगी है, लेकिन इस मौसम ने किसानों के चेहरे पर खुशी की इबारत लिख दी है। कनक की फसल के लिए यह मौसम काफी मुफीद माना जाता है। ठंड बढऩे से किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद जता रहे हैं। खेती के जानकारों का भी कहना है कि ठंड बढऩे से गेहूं के अलावा मटर और सरसों को लाभ होगा और हल्की बूंदाबांदी होती है, तो भी फसलों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा।
हरियाणा में धान, आलू के अलावा गेहूं भी प्रमुख फसल है। हरियाणा का किसान देश का पेट भरने वाला अन्नदाता कहा जाता है। यहां के जिला सिरसा में सर्वाधिक गेहूं का उत्पादन होता है। रबी सीजन में किसानों का पूरा जोर गेहूं पर ही होता है। फसलों की बुआई पूरी हो गई है। खरीफ में मौसम की मार झेल चुके किसानों को गेहूं से संभावना है। मौसम का साथ रहा तो अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान अभी और गिरेगा।
किसान बताते हैं कि तेज बारिश न हो तो सर्दी का मौसम रबी की तमाम फसलों के लिए अच्छा होता है। ठंड बढऩे से गेहूं, मटर व सरसों का दाना बढ़ता है और उत्पाद बेहतर होता है। इस महीने ऐसा ही मौसम रहा तो अच्छी पैदावार होगी। हल्की बूंदाबांदी हुई तो सिंचाई की जरूरत नहीं होती। किसानों को लागत कम आएगी। पाला पडऩे से आलू की फसल को नुकसान हो सकता है। कोहरे से भी किसी फसल को क्षति नहीं होगी। ओस के रूप में फसलों को पानी मिलता है, जिससे नमी बनी रहेगी। तापमान कम होने से गेहूं, मटर, सरसों, मसूर आदि फसलों की अच्छी पैदावार होने की संभावनाएं रहती हैं।
किसानों का कहना है कि अभी ठंड पूरी नहीं पड़ी है। अगर ओस, कोहरा और ठंड पूरी पड़े तो गेहूं व मटर के दानों में फुटाव खूब अच्छा होगा। अभी फसल में किसी तरह की बीमारी या कीट नहीं है। कहा जा सकता है कि मौसम मुफीद रहा तो इस बार होने वाली गेहूं की फसल बंपर होगी। उत्तर हरियाणा में मौसम को लेकर रेड और दक्षिण हरियाणा में ओरेंज अलर्ट जारी हो चुका है लेकिन यह ठंड किसान के चेहरे को मुस्कान से भर रही है। रबी की फसल को लेकर जिस तरह का वातावरण चाहिए वह अब चल रहा है।
सरकार ने ठंड को देखते हुए स्कूलों में अवकाश कर दिया है और लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि बहुत जरूरी न हो तो बाहर न जाएं। स्वयं मुख्यमंत्री ने धुंध और ठंड को देखते हुए रेल से यात्रा करके लोगों को प्रेरित किया है कि वे रेल से सफर करें क्योंकि यह किफायती और सुरक्षित है। दुर्घटनाओं से बचाव और रोकथाम के लिए यह जरूरी है कि अधिक धुंध के समय लोग बाहर न निकलें। अधिक विवशता है तो भी उन साधनों का इस्तेमाल करें जिनसे ठंड, धुंध और दुर्घटना तीनों से बचाव रहे। सीएम मनोहर लाल प्रदेश के लोगों से यह भी आग्रह कर रहे हैं कि वे अपने वाहनों पर फॉग लाइट का इस्तेमाल करें ताकि सडक़ पर चल रहे वाहनों का पता चल जाए।
प्रदेश में इन दिनों तापमान 12 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है। वातावरण में 74 प्रतिशत तक नमी बढऩे के कारण ओस व कोहरे की प्रचुरता बढ़ी है। प्रतिघंटा 3 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलने के कारण ठंडक लगातार बढ़ रही है। पिछले तीन चार दिन से धूप भी नहीं निकल रही जिससे लोग ठिठुर रहे हैं। ठंड अभी और बढऩे के आसार हैं। ऐसे में राज्य सरकार का प्रयास है कि जहां एक तरफ किसानों को इस ठंडक से फायदा मिले वहीं दुर्घटनाओं के कारण जनहानि या संपत्ति का नुकसान भी न हो।
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