प्रदेश में स्थापित होंगे विदेश सहयोग विभाग : मनोहर लाल

11/18/2019 12:40:17 PM

फरीदाबाद(महावीर) : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि राज्य में निवेश व निर्यात को नई दिशाएं देने के लिए  विदेश सहयोग विभाग स्थापित किया जाएगा। नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में 39 वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2019 में हरियाणा राज्य दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में मुख्यातिथि के रूप में अपने संबोधन में उक्त घोषणा करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थापित किए जाने वाला विदेश सहयोग विभाग प्रदेश में विदेशी निवेशकों व विदेशों में निवेश करने वाले प्रदेश के निवेशकों को प्रत्येक दृष्टि से सहयोग करेगा। निर्यात विशेषकर कृषि आधारित उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित किए जाने की दिशा में विदेश सहयोग विभाग कार्य करेगा। 

कृषि आधारित उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित किए जाने के परिणामस्वरूप हरियाणा की कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो सकेगी। अप्रवासी भारतीयों को भी विदेश सहयोग विभाग सहयोग व सहायता करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य भारत की अर्थव्यवस्था को विकसित कर वर्ष 2024 तक 3 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 5 ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था के समूह देशों में शामिल करना है। इसी दिशा में प्रदेश सरकार का लक्ष्य भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2024 तक दोगुना कर 5 लाख करोड़ रुपए तक विकसित किया जाना है।

उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूईंग बिजनेस की दृष्टि से वर्ष 2014 में हरियाणा का देश में 14वां स्थान था। प्रदेश सरकार की उदार एवं उद्यम अनुकूल नीतियों के परिणामस्वरूप ही ईज ऑफ डूईंग बिजनेस की दृष्टि से वर्तमान में हरियाणा का देश में तृतीय व उत्तर भारतीय राज्यों में प्रथम स्थान है। इस दिशा में ईज ऑफ डूईंग बिजनेस की दृष्टि से हरियाणा को देश में वर्ष 2020 तक प्रथम स्थान के राज्य के रूप में स्थापित किए जाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा अनुशंसित बिजनेस रिफार्म एक्शन प्वाइंट के सभी 369 सुधार ङ्क्षबदुओं को हरियाणा में क्रियान्वित किया गया है।  

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सरस्वती नदी का जिक्र करते हुए हरियाणा को प्राचीन आर्यकाल की वेदों की रचना स्थली बताया और कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अनुसार भारत में खोजे गए लगभग 3500 पुरातात्विक स्थलों में से1500 पुरातात्विक स्थल हरियाणा में पाए गए हैं। हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक व सामाजिक परंपराएं रही हैं। हरियाणा की धरती गीता के पवित्र ज्ञान की उद्गमस्थली है। 

उनहोंने हरियाणा राज्य दिवस पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किए जाने पर हरियाणा के कला एवं संस्कृति विभाग की प्रशंसा की और विभाग के लिए मौके पर ही 5 लाख रुपए की स्वीकृति की घोषणा की। इससे पूर्व उन्होंने हरियाणा मंडप का दौरा कर अवलोकन किया। कर्मशीलता व अवसरों की भूमि हरियाणा प्रदेश का मंडप आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र है। इस दौरान हरियाणा व्यापार मेला प्राधिकरण की मुख्य प्रशासक व फरीदाबाद की मंडलायुक डॉ.जी.अनुपमा,रेवाड़ी के उपायुक्त व कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक व अतिरिक्त सचिव यशेंद्र सिंह व प्राधिकरण के महाप्रबंधक अनिल चौधरी मौजूद रहे।


Edited By

vinod kumar

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