दिग्विजय चौटाला ने हिसार पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, सीएम नायब सैनी से की ये अपील
punjabkesari.in Friday, Apr 24, 2026 - 04:29 PM (IST)
सिरसा (सतनाम सिंह) : हरियाणा की राजनीति में इन दिनों हिसार में बीती 17 अप्रैल को पूर्व सीएम दुष्यंत चौटाला और हिसार पुलिस के बीच हुए विवाद का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। दिग्विजय सिंह चौटाला आज सिरसा में अपने निवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान दिग्विजय ने हिसार पुलिस पर तीखा पलटवार करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने न सिर्फ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था और सरकार की नीयत पर भी सीधा निशाना साधा।
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि हिसार में जो कुछ हुआ, वह सिर्फ एक घटना नहीं बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि आधी रात को पुलिस ने छात्रों, व्यापारियों और अधिवक्ताओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया। उनके मुताबिक पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह संदिग्ध थी, क्योंकि कई पुलिसकर्मी बेवर्दी थे, उनके पास पहचान पत्र नहीं थे।
उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है कि कानून के रखवाले ही कानून की धज्जियां उड़ाते नजर आए। लोगों के घरों में घुसकर दबंगई करना और आम नागरिकों के साथ बदसलूकी करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकता। इस पूरी घटना के बाद जनता में भारी रोष है, जो आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। इसी के विरोध में 27 अप्रैल को हिसार में एक बड़ी महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की गई है। इस महापंचायत में प्रदेश भर के छात्र संगठनों को आमंत्रित किया गया है। दिग्विजय ने कहा कि यह सिर्फ एक पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे समाज और खासकर युवाओं की आवाज का सवाल है। उन्होंने सभी छात्र संगठनों से अपील की कि वे एकजुट होकर इस अन्याय के खिलाफ खड़े हों।
दिग्विजय ने दलित समाज के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को भी गंभीर मुद्दा बताया। दिग्विजय के अनुसार, पुलिस ने एक दलित महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया, यहां तक कि एक अधिकारी ने उसके पैर पर पैर रखकर जबरन डीवीआर निकालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उस महिला की चीखें सत्ता तक पहुंचनी चाहिए और मुख्यमंत्री को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। दिग्विजय चौटाला ने यह भी आरोप लगाया कि एक व्यक्ति रवि आहूजा को बंदूक के दम पर पुलिस अपने साथ ले गई, जो कि बेहद चिंताजनक है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस मामले में हस्तक्षेप करने और सच्चाई सामने लाने की मांग की। इस पूरे मामले को लेकर दुष्यंत चौटाला सहित चार गनमैन को एसआईटी द्वारा नोटिस जारी किया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय ने कहा कि वे अपने वकीलों से सलाह लेने के बाद ही जवाब देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें डराने और दबाने की कोशिश कर रही है ताकि वे छात्रों और आम जनता की आवाज न उठा सकें।
दिग्विजय चौटाला ने सीएम सैनी से की ये अपील
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अपील की कि इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग न दिया जाए, क्योंकि यह मुद्दा सीधे तौर पर जनता की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के मुखिया हैं और उन्हें निष्पक्ष होकर न्याय करना चाहिए। दिग्विजय ने सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया सहित उन सभी नेताओं का आभार व्यक्त किया जिन्होंने दुष्यंत चौटाला का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह समर्थन इस बात का संकेत है कि सच के साथ लोग खड़े हैं।
वहीं एक अन्य मामले का जिक्र करते हुए दिग्विजय ने बताया कि सुमन नाम की महिला पुलिस की कार्रवाई से इतनी भयभीत है कि उसे हरियाणा छोड़कर राजस्थान के सीकर में रहना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके पति को प्रताड़ित करके मार दिया और जब मामला हाई कोर्ट पहुंचा तब जाकर हत्या का केस दर्ज हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से यह साफ होता है कि प्रदेश में कानून का डर खत्म हो चुका है और आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। अंत में दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि वे और दुष्यंत चौटाला इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि न्याय और अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने भरोसा जताया कि सच्चाई की जीत होगी और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी।
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