कुरुक्षेत्र में दर्जनों अवैध इमिग्रेशन सेंटर सक्रिय, रोज नई-नई तरह से ठगी का शिकार हो रहे लोग
punjabkesari.in Saturday, Apr 04, 2026 - 09:06 AM (IST)
कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : कुरुक्षेत्र जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे इमिग्रेशन सेंटर लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। जिले में दर्जनों की संख्या में ऐसे सेंटर चल रहे हैं, जो बिना किसी वैध लाइसेंस के विदेश भेजने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये वसूल रहे हैं। कोई खुद को कंसल्टेंसी एजेंसी बताकर तो कोई वीजा सेवाओं के नाम पर कार्यालय खोलकर लोगों को विदेश भेजने के सपने दिखा रहा है।
ऐसे सेंटरों की आड़ में फ्रॉड लोगो के झांसे में आकर कई लोग अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी गंवा चुके हैं। हाल ही में एक महिला भी इसी प्रकार की ठगी का शिकार हुई थी, जिसने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। इस घटना के बाद एक बार फिर जिले में चल रहे अवैध इमिग्रेशन सेंटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दरअसल विदेश भेजने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलने का यह कारोबार पिछले कुछ वर्षों से तेजी से फैलता जा रहा है। कई मामलों में पुलिस द्वारा एजेंटों के खिलाफ केस भी दर्ज किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद यह नेटवर्क नशे के रैकेट की तरह लगातार फैलता जा रहा है। कई एजेंट भोले-भाले युवाओं को विदेश में बेहतर नौकरी और उज्ज्वल भविष्य का सपना दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें धोखे के सिवा कुछ नहीं मिलता।
कुछ समय पहले जब अमेरिका से हरियाणा के कई युवा बेड़ियों में जकड़कर डिपोर्ट किए गए थे, तब इस मुद्दे ने पूरे प्रदेश में गंभीर बहस छेड़ दी थी। उस समय लौटे युवाओं ने बताया था कि एजेंटों ने उन्हें सुनहरे सपने दिखाकर मोटी रकम वसूल ली, लेकिन विदेश पहुंचने के बाद उन्हें न तो कोई सुविधा मिली और न ही सुरक्षा। कई युवाओं को गैरकानूनी रास्तों से विदेश भेजा गया, जिसके कारण उन्हें गिरफ्तार कर वापस भारत भेज दिया गया। उस दौरान हरियाणा सरकार ने भी अवैध इमिग्रेशन सेंटरों को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी करते हुए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को स्पष्ट किया था, लेकिन इसके बावजूद कई सेंटर बिना अनुमति के संचालित हो रहे हैं। अनियंत्रित व्यवस्था के चलते हर रोज कोई न कोई व्यक्ति ठगी का शिकार हो रहा है।
जानकारी के अभाव में बढ़ रही ठगी
लोगों का मानना है कि जानकारी के अभाव में लोग आसानी से ठगों के जाल में फंस जाते हैं। विदेश जाने की चाहत में कई लोग बिना जांच-पड़ताल के एजेंटों पर भरोसा कर लेते हैं, जो बाद में उनके लिए भारी पड़ता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर भरोसा किस पर किया जाए। यही असमंजस लोगों को गलत रास्ते की ओर धकेल देता है। अक्सर देखा गया है कि लोग भरोसे में आकर अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी एजेंटों को सौंप देते हैं और बाद में पछतावे के अलावा कुछ नहीं बचता। ऐसे में जरूरी है कि किसी भी इमिग्रेशन सेंटर से संपर्क करने से पहले उसकी वैधता, लाइसेंस और पूर्व रिकॉर्ड की पूरी तरह जांच की जाए, ताकि ठगी जैसे मामलों से बचा जा सके।
वैध सेंटरों की लिस्ट हो जारी
लोगों का कहना कि सरकार व प्रशासन द्वारा ऐसे सेंटरों की लिस्ट जारी की जानी चाहिए जिनके पास लाइसेंस हैं अन्यथा जिनके पास ऐसी व्यवस्था नहीं है उनकी पूरी डिटेल हासिल करते हुए लोगों के साथ ठगी होने से बचाव की गारंटी भी मुहैया करवाई जानी चाहिए ताकि लोग लुभावने सपनो में आकर न ठगे जाएं।
रोजगार है नहीं, करें भी तो क्या करें
ऐसे मामलों में वे लोग ठगी का ज्यादा शिकार हो रहे हैं जो या तो छोटे या मँझले किसान हैं या मध्यमवर्गीय परिवार हैं। आय के उपयुक्त सोर्सेस ना होने के कारण किसान अपनी थोड़ी बहुत जमीन बेचकर अपने बच्चों को विदेश भेज कर आय की उम्मीद करते हैं वही मध्यम वर्गीय परिवारों के लोग अपने मकान गहनों तक को गिरवी रखकर अपने बच्चों को विदेश भेज कर उनके उज्जवल भविष्य तय करने का प्रयास करते हैं लेकिन ऐसे लोगों से ठगी का शिकार होकर उनके पास कोई उम्मीद ही बची नहीं रह जाती।
वहीं इस पूरे मामले को लेकर पूछे गए प्रश्न को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने कहा है कि जल्द ही जिले में चल रहे सभी इमिग्रेशन सेंटर संचालकों को बुलाकर बैठक की जाएगी और उन्हें सख्त चेतावनी दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो सेंटर नियमों के तहत काम नहीं कर रहे हैं या लोगों को गुमराह कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एस.पी. ने कहा कि पुलिस ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उन्होंने लोगों से भी अपील की कि विदेश जाने के नाम पर किसी भी एजेंट या सेंटर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और पहले उसकी वैधता व लाइसेंस की पूरी जांच जरूर करें।
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