इनेलो के साथ भविष्य में जेजेपी के गठबंधन या विलय पर दुष्यंत की दो टूक, बोले- हम अलग हैं

10/24/2020 9:23:25 AM

चंडीगढ़ (धरणी): हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यन्त चौटाला ने इनेलो के साथ भविष्य में जेजेपी के गठबंधन या विलय पर कहा कि इनेलो और जननायक जनता पार्टी के रास्ते अलग हैं। वह अलग हैं, हम अलग हैं। जेजेपी आज सरकार का हिस्सा है और एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का एक-एक कदम राज्य की व्यवस्था को सुधारने वाला रहा। 

उनसे बातचीत के कुछ अंश आपके सामने प्रस्तुत हैं-

प्रश्न-
आपके 1 साल के कार्यकाल में किस प्रकार की चुनौतियां रहीं और कैसा अनुभव रहा।
उत्तर- हमने प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जाने का काम किया। 1 वर्ष हमारा बड़ा शानदार रहा। हमने बड़ी इंडस्ट्री को हरियाणा में आमंत्रित किया और यहां लाने का काम किया। हरियाणा एकमात्र ऐसा प्रदेश है, जिसमें रेवेन्यू सिस्टम को पूरी तरह से ऑनलाइन किया गया। सिविल एविएशन में हरियाणा एक ऐसा प्रदेश बना जिसका एनवायरमेंट क्लीयरेंस एयरपोर्ट हिसार ने अचीव किया। कोविड-19 के चलते मेडिकल कॉलेजों को स्पेशल कोविड-19 अस्पताल बनाने का काम किया। हमने हर जिले में लैब स्थापित की। रिकवरी रेट इस बात को प्रमाण करती है कि हमारा मेडिकल सिस्टम सबसे उत्तम रहा।

प्रश्न- जेजेपी के मेनिफेस्टो में से कौन-कौन से वायदे इस 1 साल में आपने पूरे किए।
उत्तर- जो वायदे भाजपा और जेजेपी ने चुनावों से पहले किए थे जो पॉलिसी चेंजेस थे उनमें हमने काफी बदलाव किए। जो कानून के तौर पर, क्योंकि उनमें समय लगता है जैसे पंचायती चुनावों में महिलाओं की 50 प्रतिशत की भागीदारी, राइट टू रिकॉल और हरियाणा के नौजवानों को प्राइवेट सेक्टर में 75 प्रतिशत रोजगार देने की बात को भी जल्दी कानून में लेकर आएंगे। भाजपा का किसानों को तीन लाख का सस्ती दरों पर लोन देने पर भी फाइनेंस सेक्टर काम कर रहा है। आगे भी हम 4 साल में हर वायदा पूरा करके दिखाएंगे।

प्रश्न- हरियाणवी युवकों को प्राइवेट सेक्टर में 75 प्रतिशत रोजगार देने में देरी आखिर क्यों हो रही है।
उत्तर- हमने पहले ऑर्डिनेंस के तौर पर इसे गवर्नर के पास भेजा था। महामहिम ने राष्ट्रपति को एसेंस के लिए भेज दिया था। अब कैबिनेट ने 5 तारीख के सेशन में बिल के तौर पर इसे लाने का फैसला किया है। इसलिए हमने इसे कैबिनेट से प्रूफ करवाकर महामहिम को विड्रो करने के लिए चिट्ठी भेजी है। ताकि हम सेशन में फ्रेश बिल को लेकर आएं।

प्रश्न- हरियाणा में पायलटों को ट्रेनिंग देने का प्रोग्राम किस प्रकार से इंप्लीमेंट किया जाएगा, क्योंकि यह आपका ड्रीम प्रोजेक्ट है।
उत्तर- स्पाइसजेट से हमारी 100 पायलटों को ट्रेनिंग देने की चर्चा हुई है। उनसे हरियाणा सरकार का एग्रीमेंट भी है। उसके साथ-साथ पी.पी.पी. मॉडल के अंदर क्योंकि एविएशन सेक्टर में प्राइवेट पायलटों की डिमांड बढ़ती जा रही है और भारतीय पायलटों को बड़ी-बड़ी कंपनियां लेकर जाती हैं। उसके लिए हमने टारगेट लिया है कि फ्लाइंग स्कूल प्राइवेट लोगों के साथ भी पी.पी.पी. मॉडल के अंदर हमारे रनवे को शेयर करें।

प्रश्न- इस 1 साल में आपके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने आपके विभागों को खूब टारगेट किया और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए आपका इस्तीफा मांगा।
उत्तर- जो काम करता है, लोग उसका विरोध करते हैं। मैंने जो भी बदलाव किए उसमें व्यवस्था और लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ है। रेवेन्यू विभाग को स्ट्रीम लाइन करना कोई छोटा काम नहीं था। हमारे इस काम से करोड़ों रुपए आज प्रॉपर्टी टैक्स में जमा हो रहे हैं और खास बात यह है कि लोग खुद जमा करवा रहे हैं। करोड़ों रुपए डेवलपमेंट चार्जेस में जमा हो रहे हैं। लोग घर पर बैठकर ही जब तक उसका टोकन जरनेट नहीं होता है, जब तक उसके सारे कागजों को ग्रीन टिक नहीं मिलता उसे तहसील के बाबुओं के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है और आज भी पहले जितनी ही साढ़े 3-4 हजार रजिस्ट्रियां हो रही हैं। मैं प्रधानमंत्री को भी लेटर लिखूंगा कि यह सेम रेवेन्यू सिस्टम पूरे देश में लागू होना चाहिए।

प्रश्न- कृषि कानूनों को लेकर आप के इस्तीफे की मांग होती रही है।
उत्तर- अगर किसान सरकार में नहीं होगा तो सरकार किसान की नहीं होगी। हमने सुनिश्चित किया है कि जब तक मैं बैठा हूं तब तक किसान के शत प्रतिशत उत्पाद को शत प्रतिशत एम.एस.पी. पर खरीदा जाएगा और पंजाब में तो केवल धान और गेहूं को एम.एस.पी. पर न खरीदने पर सजा का प्रावधान किया है। हरियाणा एक ऐसा पहला राज्य है जो धान गेहूं के साथ बाजरा, सरसों, मक्का, सूरजमुखी और दालों तक को एम.एस.पी. पर खरीदता है। अगर अमरिंदर सिंह किसान हितैषी हैं तो किसान के हर उत्पाद को एम.एस.पी. पर खरीदें। लेकिन वह नही खरीद पाएंगें, लेकिन हमारी सरकार चाहे 1000 करोड़ रूपये भी लगें हम किसान को देने के लिए तैयार रहते हैं।

प्रश्न- कृषि कानूनों पर पंजाब के स्टैंड पर आप का राजनीतिक नजरिया क्या है।
उत्तर- पंजाब में चुनाव आने वाले हैं और कृषि कानूनों को लेकर सत्ता पक्ष विपक्ष एक जैसे दिखते हैं। लेकिन एक साथ नहीं चलते। चाहे कांग्रेस की हालत हो, अकाली दल की हालत हो या आम आदमी पार्टी की हालत अलग है। इससे दिखता है कि किसान को बहकाकर राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रश्न- विधायक जोगीराम सिहाग भी आपसे नाराज दिख रहे थे और चेयरमैनी भी त्याग दी थी। आखिर क्यों
उत्तर- अगर कानूनों को लेकर किसी को संशय है, चाहे वह विधायक हो या कोई किसान। आकर हमसे बात करें। हम उनको संतुष्ट करेंगे। प्रदेश में एक बड़ी मांग एम.एस.पी. की गारंटी की थी और हमारी भी यही सोच है। एम.एस.पी. पूरी देंगे। मंडिया तो एक सुविधा है। इन कानूनों से किसान को ताकत मिली है। किसान कहीं का भी हो कहीं भी अपनी फसल बेच सकता है। आज उत्तर प्रदेश, पंजाब के किसान हरियाणा में रजिस्ट्रेशन करवाकर फसल बेचने आ रहे हैं। 5 लाख मीट्रिक टन धान यू.पी. के किसान की रजिस्ट्रेशन हो चुकी है। क्योंकि किसान को उचित दाम हरियाणा दे रहा है।

प्रश्न- विधायक देवेंद्र बबली भी नाराज चल रहे थे उन्होंने यह तक कहा था कि 10 में से 8 विधायक उनके साथ हैं।
उत्तर- उनकी विधानसभा संबंधी कोई समस्या थी। कहीं ना कहीं सवालों को उनके मुंह में डाला गया था। वह अपनी समस्या बताते-बताते ऐसी बातें कह गए जो राजनीतिक तौर पर नहीं करनी चाहिए थी। उनकी समस्या का समाधान करवा दिया है। अगर किसी भी एम.एल.ए. की कोई समस्या चाहे वह विपक्ष का ही क्यों ना हो हमारी जिम्मेदारी बनती है कि उसका समाधान करवाया जाए।

प्रश्न- आपके चाचा अभय सिंह चौटाला ने कहा कि चौधरी देवीलाल की पीढ़ी को सत्ता भोगने की बजाय किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए।
उत्तर- चौधरी देवीलाल का पडपौत्र हूं और पूरी तरह से किसानों के साथ खड़ा हूं। आज हरियाणा की किसी भी मंडी में जाकर देखें किसान को कोई परेशानी नहीं आ रही है। उनकी फसल एम.एस.पी. पर या एम.एस.पी. से ऊपर बिक रही है। जब तक मैं यहां बैठा हूं चौधरी देवीलाल के नक्शे कदम पर चल कर किसानों की व्यवस्था को सुधारने का काम करूगां।

प्रश्न- ओम प्रकाश चौटाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि मुख्यमंत्री मैं और अजय बन नहीं सकते थे और अभय भी इंकार कर गए थे।
उत्तर- मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा। मैं कई बार कह चुका हूं कि वह अलग है, हम अलग हैं। इनेलो और जननायक जनता पार्टी के रास्ते अलग हैं। जननायक जनता पार्टी आज सरकार का हिस्सा है और एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। ताकि लोगों को अच्छी व्यवस्था मिले। हमारे सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी के साथ हमारा गठबंधन है और यह गठबंधन बरोदा चुनाव में मजबूती से जीतेगा।

प्रश्न- 27 अक्टूबर को शुरू होने वाले दूसरे साल में आप के मुख्य टारगेट क्या रहेंगे।
उत्तर- मेरी और से पहले भी बड़े बदलाव प्रदेश में हुए। आगे भी रोजगार की बात हो, एविएशन सेक्टर हो, लेबर कानून हो काफी बड़े बदलाव लेकर आएंगे। बड़े सुधार होंगे। हमने 17 बड़ी कंपनियों को हरियाणा में इनवाइट किया और इन्वेस्ट करवाया। उनसे काफी रोजगार मिलेंगे। इनका अच्छा परिणाम आने वाला है।

प्रश्न- इंडस्ट्री विभाग और एच.आई.डी.सी. दोनों एक दूसरे के पर्यायवाची हैं। इनके लिए क्या योजनाएं हैं
उत्तर- एक तो निर्णय हम लेंगे कि प्रदेश में लैंड बैंक बनाया जाए। उसके लिए कमेटी हमने बनाई है। उस पर काम चल रहा है। आज बड़े प्रोजेक्ट के लिए लैंड की काफी कमी है। यह एक बड़ा चैलेंज है और दूसरी 1 नवंबर को नई पॉलिसी आ रही है जिससे बड़ी इंडस्ट्री अपना फायदा देखते हुए प्रदेश में इन्वेस्ट करें।

प्रश्न- नौजवानों के लिए आप एक आइकॉन है। उन्हें इमानदारी से और पारदर्शिता से सरकारी नौकरी मिले। इसके लिए आप की क्या पॉलिसी है 
उत्तर- प्रदेश में आज लगभग हर विभाग में कर्मचारियों की कमी है। कुछ विभागों में तो 3 गुना तक कर्मचारी और चाहिए। लेकिन कोरोना के कारण हम नौजवानों को नौकरी देने में असमर्थ रहे। बहुत जल्दी हम पारदर्शिता से और ईमानदारी से रोजगार देने का काम करेगें। पर्ची और खर्ची के रास्ते बंद कर दिए गए हैं।


vinod kumar

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