धरने पर बैठे किसान की मौत, परिजनों ने शव लेने से किया इंकार

punjabkesari.in Tuesday, Dec 08, 2020 - 05:45 PM (IST)

नरवाना (गुलशन चावला): भारत बंद के दौरान गांव उझाना व गढ़ी के बीच चल रहे धरने में गांव उझाना के किसान किताब सिंह चहल की मौत हो गई। जिसके बाद प्रशासन के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। किसानों ने उसके शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। किसानों ने कहा कि जब तक किताब सिंह चहल को शहीद का दर्जा, एक सरकारी नौकरी और परिवार को आर्थिक मदद नहीं करती वह दाह संस्कार नहीं करेंगे।

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बता दें कि नेशनल हाईवे पर किसानों ने उझाना व गढ़ी गांव के बीच कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर धरना दिया हुआ था। 60 वर्षीय किताब सिंह चहल भी धरने में गए थे। इस दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई। वहां मौजूद किसान रामपाल ने कहा कि वह शव नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने तीन घंटे तक सुध नहीं ली, अब हम रोड जाम करेंगे। 

तीन कृषि कानूनों समेत कई मांगों को लेकर दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर किसान पिछले 12 दिन से डटे हुए हैं। हजारों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर में ही रात काट रहे हैं। सर्द मौसम में किसानों का हौसला बुलंद है. सिंधु, टिकरी पर किसानों का हुजूम इकट्ठा है, जिन्हें विपक्ष का भी समर्थन मिल रहा है। इस आंदोलन के बीच आधा दर्जन से अधिक किसानों की अभी तक मौत हो चुकी है। 


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vinod kumar

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