कृषि कानूनों पर 'सु्प्रीम' रोक से नाखुश किसान, बोले- हमें तो रद्द ही कराने हैं

punjabkesari.in Tuesday, Jan 12, 2021 - 05:42 PM (IST)

रोहतक (दीपक): सुप्रीम कोर्ट द्वारा कृषि कानून के लागू होने पर लगाई गई रोक से किसान संगठन खुश नहीं है। किसान संगठनों ने सवाल उठाते हुए कहा है कि किसान तो कोर्ट गया ही नहीं फिर मध्यस्था की बात कहां से आई। वहीं किसान संगठन कोर्ट द्वारा बनाई जा रही कमेटी के पक्ष में भी नहीं है। किसान नेता योगेंद्र यादव ने स्पष्ट कर दिया है ऐसी किसी भी कमेटी से किसानों का कोई लेना देना नहीं। हालांकि किसान संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के बीचबचाव के रास्ते का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही एलान भी किया है आंदोलन लगातार जारी रहेगा और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली पहुचेंगे। 

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रोहतक में पत्रकार वार्ता के दौरान योगेंद्र यादव ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों पर रोक नहीं बल्कि इन्हें रद्द किया जाना चाहिए। उनकी मांग शुरू से ही इन्हें रदद् करवाने की रही है न कि रोक की। योगेंद्र यादव ने कहा कि रोक तो कुछ दिन की हो सकती है, लेकिन किसानों की मांग है कि इन्हें रद्द किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसान 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर दिल्ली पहुंचेंगे। योगेंद्र ने स्पष्ट किया है कि किसान संगठनों का गणतंत्र दिवस की परेड में विघ्न डालने का कोई इरादा नहीं है और ना ही उनकी जिद्द है कि वह झंडा फहराएंगे। किसान झंडा लेकर गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली जरूर जाएंगे, लेकिन राष्ट्रीय कार्यक्रम में विघ्न डालने का उनका कोई इरादा नहीं है। 

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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्था करते हुए तीनों कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों की चिंता जाहिर करते हुए केंद्र सरकार को फटकार लगाई है और तीनों कृषि कानूनों पर रोक लगाने की बात कही। इसके साथ ही एक कमेटी बनाने की भी बात कही है, लेकिन किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वह ऐसी किसी कमेटी का हिस्सा नहीं बनना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि किसान इन तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहा है इस पर रोक लगाने की नहीं, इसलिए ऐसी किसी भी कमेटी से किसान का कोई लेना देना नहीं है।


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vinod kumar

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