9 घंटे का खौफनाक संघर्ष! आगरा नहर हादसे में पिता-बेटे की मौत, मौत के मुंह से सुरक्षित लौटा बड़ा बेटा
punjabkesari.in Wednesday, May 06, 2026 - 02:04 PM (IST)
बल्लभगढ़: रविवार रात नहर में कूदने वाले गांव सोतई के सिविल इंजीनियर भगवत दयाल और छोटे बेटे युग का शव मंगलवार देर शाम मिल गया। पिता का शव मथुरा के पास स्थित शेरगढ़ पैगाम के पास मिला, वहीं छोटे बेटे का शव हरियाणा और यूपी बॉर्डर के नजदीक स्थित गांव शेखशाही के पास मिला। दोनों शवों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
स्थल से पांच किलोमीटर दूर सुरक्षित मिल गया था। बड़े बेटे सम्राट ने बताया कि वह बहुत दूर तक पानी में बह गया था। इसी दौरान नहर किनारे खड़े पेड़ की एक टहनी पानी के अंदर तक आ रही थी। मैंने उसे पकड़ लिया और रात भर उसी टहनी के सहारे पानी में लटका रहा। सुबह होने पर वहां से गुजर रहे एक युवक और उसके साथियों ने देखा तो पानी में कूदकर बाहर निकाल लिया। सम्राट करीव 9 घंटे तक पानी में लटका रहा, जिससे उसका शरीर सफेद पड़ गया था। युवक उसे तुरंत अपने घर ले गया। बच्चे को बचाने वाला युवक राजेंद्र (23) कुछ दिन पहले ही जेल से पैरोल पर बाहर आया था।
वहीं, पुलिस, गोताखोरों की टीम को शाहपुर कलां, डींग के बीच में बह रही आगरा नहर में युवक का शव मिला। कपड़ों में आधार कार्ड मिला। उसी से पहचान दिल्ली के मोलरबंद निवासी मनोज यादव के रूप में हुई।