बेटे के अंतिम संस्कार के लिए तरसे पिता, 6 माह की बेटी व पत्नी को भी इंतजार...रूसी हमले में मारा गया था गुरप्रीत
punjabkesari.in Friday, Aug 21, 2026 - 11:36 AM (IST)
यमुनानगर: एक पिता के लिए इससे बड़ा दुख क्या होगा कि उसका जवान बेटा दुनिया से चला जाए लेकिन वह उसे अंतिम विदाई भी न दे सके। यमुनानगर जिले के पंजेटो गांव में गुरप्रीत सिंह के परिवार की हालत कुछ ऐसी ही है। 19 जुलाई को यूक्रेन में रूसी मिसाइल हमले में गुरप्रीत की मौत हो गई थी। इस हादसे को करीब एक माह बीत चुका है।
अब तक उसका शव घर नहीं पहुंच पाया है। एक ओर जहां गुरप्रीत की पत्नी छह माह की मासूम बेटी के साथ पति के शव का इंतजार कर रही है वहीं उसके पित्ता बेटे के अंतिम संस्कार के लिए शव आने का इंतजार कर रहे हैं। गुरप्रीत के पिता कीर्तन सिंह सड़क हादसे में पहले ही दिव्यांग हो चुके हैं।
बेटे की मौत के बाद उनकी सबसे बड़ी इच्छा अब सिर्फ इतनी है कि वह गुरप्रीत को आखिरी चार देख सके और अपने हाथों से उसका अंतिम संस्कार करें। परिवार का कहना है कि उन्हें मुआवजे या किसी अन्य आर्थिक सहायता से पहले अपने बेटे का शव चाहिए, ताकि पूरे रीति-रिवाज के साथ उसे अंतिम विदाई दी जा सके।
परिजनों के अनुसार गुरप्रीत करीब डेढ़ माह पहले मर्चेंट नेवी में नाविक के पद पर नौकरी करने के लिए यूक्रेन गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह नौकरी कर घर की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करेगा, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी कम अवधि में ही उसकी मौत की खबर आ जाएगी। करीब डेढ़ साल पहले ही गुरप्रीत की शादी हुई थी। उसकी पत्नी और छह माह की मासूम बेटी अब उसके लौटने का इंतजार कर रही है।