12 साल की बेटी की गवाही पर पिता को उम्रकैद, पत्नी की हत्या के जुर्म में ''आखरी सांस तक'' जेल
punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 12:47 PM (IST)
रोहतक: सेशन कोर्ट ने 12 वर्षीय बेटी की गवाही के आधार पर मां की हत्या के दोषी झज्जर जिले के गांव पिलाना निवासी रविंद्र उर्फ काला को अंतिम सांस तक कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप दुग्गल की अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
चार साल पहले झज्जर जिले के गांव छपार निवासी नवीन ने कलानौर थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप पत्र के अनुसार, नवीन ने बताया कि उसकी बड़ी बहन सरिता की शादी गांव पिलाना निवासी रविंद्र उर्फ काला के साथ हुई थी। दंपती की दो बेटियां हैं। मार्च 2022 में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सूचना मिली कि रविंद्र ने धारदार हथियार से गर्दन काटकर सरिता की हत्या कर दी।
मृतका की दोनों बेटियां नाबालिग हैं। पुलिस जांच के दौरान बड़ी बेटी ने बताया कि घटना के समय वह घर से बाहर गई हुई थी। वहीं छोटी बेटी ने पुलिस और बाद में अदालत में गवाही देते हुए कहा कि उसके सामने ही उसके पिता ने मां पर धारदार हथियार से हमला किया था। नाबालिग बेटी की यही गवाही मामले में सबसे अहम सबूत साबित हुई। अदालत ने 16 मई को आरोपी को दोषी करार दिया था।
अदालत ने कहा- यह दुर्लभतम मामलों में नहीं
बुधवार को सजा सुनाए जाने से पहले दोषी ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। उसने कहा कि वह गरीब है, उसके माता-पिता वृद्ध हैं और दो बेटियों की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। सरकारी वकील ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। अदालत ने कहा कि यह मामला दुर्लभतम से दुर्लभ श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता। इसके बाद अदालत ने आरोपी को हत्या के मामले में आजीवन कठोर कारावास (मृत्यु तक) की सजा सुनाई। जुर्माना न न भरने की स्थिति में आरोपी को छह महीने अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।