अब छोटे शहरों में भी मिलेगी मुफ्त डायलिसिस की सौगात, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए टेंडर; मरीजों का बचेगा समय और पैसा
punjabkesari.in Wednesday, Oct 21, 2026 - 03:47 PM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा के किडनी मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण और छोटे शहरों के मरीजों की परेशानी को कम करते हुए 15 उपमंडल अस्पतालों (SDH) और एक जिला अस्पताल में मुफ्त डायलिसिस की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। मरीजों का बचेगा समय और पैसास्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. मनीष बंसल ने जानकारी दी कि इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों को डायलिसिस के वास्ते बड़े अस्पतालों के लंबे चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें अब अपने नजदीकी उपमंडल अस्पताल में ही मुफ्त डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों का आने-जाने का खर्च और कीमती समय दोनों की बचत होगी।
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों को डायलिसिस करवाने के लिए जिला अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्हें अपने नजदीकी उपमंडल अस्पताल में ही यह सुविधा मिल सकेगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों का समय और आने-जाने का खर्च बचेगा। जिन उपमंडल अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा शुरू करने की योजना है उनमें नारायणगढ़, लाडवा, सिवानी, टोहाना, बल्लभगढ़, पटौदी, असंध, गोहाना, गुहला, नरवाना, महम, डबवाली, कोसली, महेंद्रगढ़ व कनीना शामिल हैं।
क्यों जरूरी है डायलिसिस?
चिकित्सकीय भाषा में डायलिसिस उन किडनी रोगियों के लिए जीवन बचाने वाली प्रक्रिया है, जिनकी किडनी खुद से खून को ठीक प्रकार से साफ करने में असमर्थ होती हैं। ऐसे मरीजों को हफ्ते में कई बार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं। छोटे शहरों और गांवों के मरीजों के लिए दूर स्थित अस्पतालों तक पहुंचना बेहद कठिन और खर्चीला होता है।
स्थानीय स्तर पर यह सुविधा मिलने से उन्हें भारी राहत मिलेगी। डॉ. मनीष बंसल के अनुसार, डायलिसिस सेवाएं शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और अस्पतालों में जरूरी मशीनें, उपकरण व अन्य व्यवस्थाएं स्थापित होने के बाद मरीजों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। गौरतलब है कि अब तक इस मुफ्त डायलिसिस योजना का लाभ प्रदेश के करीब दो लाख मरीज उठा चुके हैं।