Haryana: लाल डोरा भूमि के स्वामित्व पर सरकार का बड़ा फैसला, 90 दिनों में निपटेंगे बंटवारे...कब्जाधारियों को मिलेगा हक
punjabkesari.in Thursday, Aug 20, 2026 - 02:38 PM (IST)
चंडीगढ़: प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में लाल डोरा भूमि के स्वामित्व अधिकारों को पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 17 अगस्त को 'हरियाणा आबादी देह (स्वामित्व अधिकारों का निहित होना, अभिलेखन और समाधान) नियम, 2026' की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इन नए नियमों के लागू होने से वर्षों से चले आ रहे भूमि और संपत्ति विवादों के त्वरित समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
कब्जाधारियों को मिलेगा 'स्वामित्व अधिकार प्रमाण-पत्र'
नए अधिसूचित नियमों के तहत, अंतिम अधिकार अभिलेख (Record of Rights) में दर्ज वैध कब्जाधारियों को आधिकारिक स्वामित्व अधिकार प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। इसके साथ ही, गांव की सभी संपत्तियों की सटीक पैमाइश (मेज़रमेंट) और उनके क्षेत्रफल का रिकॉर्ड एक तय सरकारी प्रारूप में दर्ज किया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी तरह के सीमा विवाद से बचा जा सके।
उप-विभाजित संपत्तियों की अलग पहचान, 90 दिनों में बंटवारा
गांवों में एक ही प्लॉट या मकान के टुकड़ों (उप-विभाजन) होने पर अब हर हिस्से की अलग और स्पष्ट पहचान दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, सह-स्वामियों (Co-owners) के बीच आपसी बंटवारे के मामलों को लटकाने के बजाय अब अधिकतम 90 दिनों की समय सीमा के भीतर निपटाना अनिवार्य कर दिया गया है।
सर्वेक्षण चिह्नों को नुकसान पहुंचाने पर जुर्माना
पैमाइश और मैपिंग के लिए लगाए जाने वाले सर्वेक्षण चिह्नों (Survey Marks) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति इन चिह्नों को नुकसान पहुंचाता है या नष्ट करता है, तो उससे भारी जुर्माना वसूला जाएगा। सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों के क्रय-विक्रय, लोन लेने और मालिकाना हक साबित करने में ग्रामीणों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।