राज्यपाल व केंद्रीयमंत्री भूपेन्द्र यादव ने किया बलिदानी सुखबीर सिंह यादव मार्ग का शुभारंभ

punjabkesari.in Thursday, May 26, 2022 - 06:25 PM (IST)

गुड़गांव (ब्यूरो): देश का इतिहास बलिदानियों की वीर गाथाओं से भरा पड़ा है और कारगिल युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की वीरगाथा भी उसमें शामिल है। अब गुरूग्राम के हीरो होंडा चौक से बसई चौक तक का मार्ग बलिदानी सुखबीर सिंह यादव मार्ग के नाम से जाना जाएगा। गुरूग्राम नगर निगम ने अपनी सदन की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव पारित किया था और राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने विधिवत् रूप से आज इस सडक़ के नामकरण के बाद इस मार्ग का शुभारंभ किया।


मार्ग के शुभारंभ उपरांत अल्पाइन कान्वेंट स्कूल सैक्टर-10 में बलिदानी सुखबीर सिंह यादव के बलिदान दिवस पर उनकी स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में श्रीदत्तात्रेय ने देश के सभी बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए हरियाणा के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देने से कभी परहेज नहीं किया और उन वीरों के अदम्य साहस व शौर्यगाथा को याद किया जाता है। 


12 दिसंबर 1961 को जन्में बलिदानी सुखबीर सिंह यादव 26 मई 1999 को कारगिल में दुश्मनों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे। वे पूर्व सांसद डा. सुधा यादव के पति थे, जिन्होंने बाद में जनसेवा को अपना ध्येय बना लिया। पूर्व सांसद डा. सुधा यादव अपने गांव के 25 निर्धन परिवारों के बच्चों की पढाई का खर्च उठा रही हैं, जोकि सही मायने में बलिदानी सुखबीर सिंह यादव के प्रति उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है।


इससे पहले अपने विचार रखते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बलिदानी सुखबीर सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जो नेक कार्य वे अधूरे छोड़ गए थे उन सबको डा. सुधा यादव ने धैर्य और गरिमा के साथ आगे बढाने का काम किया है। डा. सुधा यादव के नेतृत्व में पिछड़े वर्गों के कल्याण के अनगिनत कार्य हुए हैं। इसी वजह से केंद्रीय विद्यालयों और मैडिकल कॉलेजों में ओबीसी से संबंधित परिवारों के बच्चों को दाखिलों में आरक्षण मिला है। यही नहीं, डा. सुधा यादव ने कई विषय लोकसभा में भी उठाए थे। 


हरियाणा का इतिहास भारत के परिवर्तन का इतिहास है क्योंकि महाभारत का युद्ध हरियाणा की धरती पर लड़ा गया, पानीपत की तीनों लड़ाइयां हुई और आजादी प्राप्ति के बाद भी 1962, 1965 और 1971 की लड़ाइयों में हरियाणावासियों ने भारी योगदान दिया। ाज ऐसे ही कारगिल युद्ध के बलिदानी सुखबीर सिंह यादव के नाम पर जो मार्ग समर्पित किया गया है उससे इलाके की युवाओं को देश के लिए जीने और जीवन बलिदान करने की प्ररेणा मिलेगी।


स्मृति समारोह में पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने भी बलिदानी सुखबीर सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बेशक से सशस्त्र सेनाओं में हरियाणावासियों की संख्या 10 प्रतिशत हो लेकिन प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने में हम 25 प्रतिशत होते हैं। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर कारगिल युद्ध तक की सभी लड़ाइयों का विस्तार से उल्लेख किया और कहा कि आजादी आंदोलन में अंग्रेजों ने 79 लोगों को एक साथ फांसी दी थी, जिनका इतिहास में कोई जिक्र नही है। कांग्रेस ने देश के इतिहास में बलिदानियों की वीरगाथाओं को छिपाया है।
 


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Content Writer

Pawan Kumar Sethi

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