बड़ी राहत! हरियाणा में अब 19 नहीं केवल तीन दस्तावेजों पर मिलेगा CLU, केवल इन लोगों का होगा थर्ड पार्टी वेरीफिकेशन

punjabkesari.in Friday, Jun 05, 2026 - 06:35 PM (IST)

चंडीगढ़ ( चन्द्र शेखर धरणी ) : हरियाणा सरकार ने निवेशकों, उद्योगों और आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए चेंज ऑफ लैंड यूज प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया है। प्रशासनिक सुधारों के तहत अब भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति के लिए पहले की तरह 19 दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि केवल 3 दस्तावेजों के आधार पर आवेदन किया जा सकेगा। इससे मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी, लालफीताशाही कम होगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक और संबंधित विभागों को रेगुलेटरी रिफॉर्म को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार के इस फैसले के बाद सूबे में लगभग 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में अब सीएलयू अनुमति की आवश्यकता नहीं रहेगी। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सरकार सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत करने के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि उपयोग नियमों में भी लचीलापन ला रही है। सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ऑटो-सीएलयू व्यवस्था लागू करने का भी निर्णय लिया है। वहीं कम जोखिम वाली इमारतों के लिए ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट अब स्व-प्रमाणीकरण के आधार पर जारी किए जाएंगे। केवल उच्च जोखिम वाली श्रेणी की इमारतों में थर्ड पार्टी सत्यापन की व्यवस्था लागू रहेगी।

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी उद्योगों को राहत देते हुए ‘कंसेंट टू एस्टैब्लिश’ और ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ की समय-सीमा 30 कार्य दिवस से घटाकर 21 कार्य दिवस कर दी है। इससे नई औद्योगिक इकाइयों को जल्दी संचालन शुरू करने में मदद मिलेगी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का मानना है कि सीएलयू प्रक्रिया के सरलीकरण से निवेशकों की लागत और समय दोनों बचेंगे।


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Harman

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