हरियाणा सरकार के खाते में हुई हेराफेरी, 590 करोड़ का बड़ा स्कैम आया सामने... जानिए क्या है मामला
punjabkesari.in Sunday, Feb 22, 2026 - 06:51 PM (IST)
डेस्क: IDFC First बैंक से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसने बैंकिंग सेक्टर में हलचल मचा दी है। बैंक की चंडीगढ़ स्थित एक ब्रांच में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला पकड़ा गया है। यह जानकारी खुद बैंक ने रविवार को स्टॉक एक्सचेंज को दी है। इस बड़ी खबर के बाद सोमवार यानी 23 फरवरी को बैंक के शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर रहने वाली है। बैंक ने बताया कि यह धोखाधड़ी उसके ही कुछ कर्मचारियों ने मिलकर की है जिसमें हरियाणा सरकार के एक विभाग के पैसों के साथ बड़ी हेराफेरी की गई है।
कैसे हुआ इस बड़े घोटाले का खुलासा?
इस पूरे मामले का पता तब चला जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना बैंक अकाउंट बंद करने और उसमें मौजूद पैसों को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने के लिए IDFC First बैंक से रिक्वेस्ट की। जब बैंक ने इस प्रोसेस को शुरू किया तो उसे अकाउंट में मौजूद बैलेंस और सरकारी विभाग द्वारा बताए गए बैलेंस के बीच एक बड़ा अंतर नजर आया। गहनता से जांच करने पर पता चला कि यह अंतर करीब 590 करोड़ रुपये का है। बैंक ने पाया कि चंडीगढ़ ब्रांच के कुछ कर्मचारियों ने जानबूझकर रिकॉर्ड में हेरफेर की थी ताकि इस फ्रॉड को अंजाम दिया जा सके और किसी को शक न हो।
जैसे ही इस बड़ी हेराफेरी की बात मैनेजमेंट के सामने आई बैंक ने बिना किसी देरी के सख्त कदम उठाए हैं। बैंक ने इस मामले में संदेहास्पद पाए गए चार अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। बैंक का कहना है कि वह इन कर्मचारियों के खिलाफ न केवल सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा बल्कि इनके खिलाफ दीवानी और अपराधिक केस भी दर्ज कराए जाएंगे। इसके अलावा इस फ्रॉड में शामिल बाहरी लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ भी कानून के मुताबिक कार्यवाही की जाएगी। बैंक ने साफ कर दिया है कि वह धोखाधड़ी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रखता है।
बोर्ड और जांच एजेंसियों ने संभाली कमान
बैंक ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 20 फरवरी 2026 को अपनी बोर्ड कमेटी की एक स्पेशल मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में फ्रॉड के मामलों की निगरानी करने वाली स्पेशल कमेटी के सामने पूरी रिपोर्ट रखी गई। अब बैंक इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराने के लिए एक बाहर की स्वतंत्र एजेंसी को नियुक्त करने की प्रोसेस में है जो पूरे मामले का फोरेंसिक ऑडिट करेगी। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन को भी लिखित में शिकायत दे दी गई है और बैंक जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग दे रहा है। बैंक ने उन दूसरे बैंकों को भी रिकॉल रिक्वेस्ट भेजी है जहां इस धोखाधड़ी का पैसा ट्रांसफर होने का शक है ताकि वहां उन अकाउंट्स को फ्रीज किया जा सके।