हरियाणा हाउसिंग बोर्ड भंग, HSVP में विलय को मंजूरी, हंगामे के बावजूद सदन में प्रस्ताव पारित
punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 06:27 PM (IST)
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा सरकार ने प्रदेश में कई दशकों से चल रहे हाउसिंग बोर्ड को सरकार ने भंग करके हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में विलय को मंजूरी प्रदान कर दी है। विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी संकल्प पेश करते हुए कहा कि आवासन बोर्ड और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, दोनों के कार्य लगभग एक समान थे। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवासन बोर्ड हरियाणा में कार्यरत सभी कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है।
यह संकल्प हरियाणा आवासन बोर्ड अधिनियम, 1971 की धारा 80 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत पारित किया गया है। अब बोर्ड की सभी जिम्मेदारियां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की होंगी। सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को भंग करके इसका एचएसवीपी में विलय करने का प्रस्ताव सदन में पेश किया।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सवाल किया कि ऐसा क्या कारण रहे हैं जो सरकार इसे भंग करने जा रही है। सेक्टरों में आवंटन के लिए लॉटरी सिस्टम बंद होने से आम आदमी प्लॉट खरीद नहीं सकता। अब यह सिर्फ प्रॉपर्टी डीलरों तक सीमित रह गया है। सीएम सैनी ने जवाब दिया कि बोर्ड को मर्ज किया गया है। स्टाफ का भी ध्यान रखा गया है। किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। कांग्रेस के विधायक बीबी बत्तरा ने कहा कि बताया नहीं गया इसमें क्या है।
इस पर स्पीकर ने कहा कि पोर्टल पर डाल दिया है। कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने हाउसिंग बोर्ड को बहाल रखने की मांग रखी। कहा इसमें गरीबों के लिए मकान मिलने हैं। कांग्रेस की झज्जर से विधायक गीता भुक्कल ने भी हाउसिंग बोर्ड को बहाल रखने की मांग करते हुए कहा कि एचएसवीपी में नए सेक्टर कट नहीं रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड रूरल एरिया में काफी बार प्रावधान किया था। रिटायरमेंट के बाद गांव में हाउसिंग बोर्ड की कालोनी बनती तो अच्छा जीवन हो सकता है।
एचएसवीपी केवल अर्बन एरिया के लिए है। हाउसिंग बोर्ड सभी के लिए है। इस पर हुड्डा ने सवाल पूछा कि ऐसा क्या फेलियर रहे हैं, जो इसे भंग किया जा रहा है। इसके बार में स्पष्ट किया जाएा। एचएसवीपी से अब आम आदमी को प्लाट नहीं मिलता। इसका मकसद साफ होना चाहिए, यह गलत है। सेक्टरों में आवंटन के लिए लॉटरी सिस्टम बंद होने से आम आदमी प्लॉट खरीद नहीं सकता। अब यह सिर्फ प्रॉपर्टी डीलरों तक सीमित रह गया है। सदन में विपक्ष के विरोध और हंगामे के बाद सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को भंग करके हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में विलय का प्रस्ताव पारित कर दिया।