हरियाणा में मेडिकल शिक्षा की बड़ी छलांग, 11 साल में चार गुना MBBS सीटों में बढ़ोतरी; देश के टॉप-10 राज्यों में शामिल

punjabkesari.in Thursday, Jul 16, 2026 - 01:24 PM (IST)

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा में मेडिकल शिक्षा का विस्तार तेजी से हो रहा है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा जारी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की एमबीबीएस सीट मैट्रिक्स के अनुसार राज्य में इस वर्ष कुल 2,960 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध होंगी। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 250 सीट अधिक है और पड़ोसी राज्य पंजाब से 1,110 सीट ज्यादा है। इसी के साथ हरियाणा देश में एमबीबीएस सीटों के मामले में दसवें स्थान पर पहुंच गया है। देशभर में भी मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बना है। पहली बार देश में 1.36 लाख से अधिक एमबीबीएस सीटें उपलब्ध होंगी, जिससे हजारों नए विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा।

11 वर्षों में मेडिकल शिक्षा का बदला परिदृश्य

हरियाणा में मेडिकल शिक्षा का सबसे बड़ा बदलाव पिछले एक दशक में देखने को मिला है। वर्ष 2013-14 में राज्य में केवल 700 एमबीबीएस सीटें थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 2,960 हो गई है।इस प्रकार 11 वर्षों में 2,260 नई सीटें जुड़ी हैं। औसतन हर वर्ष लगभग 205 सीटों की वृद्धि हुई है। इसका परिणाम यह है कि प्रदेश की मेडिकल शिक्षा क्षमता चार गुना से भी अधिक बढ़ चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या और सीटों में लगातार बढ़ोतरी से हरियाणा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

देशभर में भी रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ीं एमबीबीएस सीटें

एनएमसी के अनुसार वर्ष 2026-27 में देश के 823 मेडिकल कॉलेजों में कुल 1,36,939 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध रहेंगी। पिछले वर्ष 818 कॉलेजों में 1,28,976 सीटें थीं। इस प्रकार केवल एक वर्ष में 7,963 सीटों की वृद्धि दर्ज की गई है, जो मेडिकल शिक्षा के इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

25 नए मेडिकल कॉलेजों को मिली मंजूरी

इस वर्ष देशभर में 25 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है। इनमें 7 सरकारी मेडिकल कॉलेज18 निजी मेडिकल कॉलेज
शामिल हैं। इन नए संस्थानों के माध्यम से 2,400 नई एमबीबीएस सीटें जुड़ी हैं। कुल मिलाकर 9,911 सीटें नई श्रेणी में शामिल की गई हैं, जबकि 1,27,028 सीटों का नियमित नवीनीकरण किया गया है।

निजी मेडिकल कॉलेजों में अधिक सीटें

देशभर में इस शैक्षणिक सत्र में कुल 441 सरकारी और 382 निजी मेडिकल कॉलेज संचालित होंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 63,296 सीटें, निजी मेडिकल कॉलेजों में 73,643 सीटें उपलब्ध रहेंगी। यानी इस बार निजी मेडिकल कॉलेजों में सरकारी संस्थानों की तुलना में अधिक एमबीबीएस सीटें होंगी। हालांकि एनएमसी की इस सूची में एम्स, जिपमर और पीजीआई चंडीगढ़ जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों की सीटें शामिल नहीं हैं। इन संस्थानों में अलग से लगभग 2,900 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध रहती हैं।

एमबीबीएस सीटों में शीर्ष राज्यों की सूची

एमबीबीएस सीटों के मामले में देश के अग्रणी राज्य इस प्रकार हैं—
कर्नाटक – 15,395 सीटें
उत्तर प्रदेश – 14,000 सीटें
तमिलनाडु – 13,999 सीटें
महाराष्ट्र – 13,099 सीटें
तेलंगाना – 10,250 सीटें
इनके बाद हरियाणा 2,960 सीटों के साथ देश के शीर्ष दस राज्यों में अपनी जगह बना चुका है। वहीं पड़ोसी पंजाब में 1,850 तथा चंडीगढ़ में 200 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध हैं।

प्रदेश के विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ

एमबीबीएस सीटों में लगातार वृद्धि का सबसे बड़ा लाभ हरियाणा के विद्यार्थियों को मिलेगा। अब उन्हें मेडिकल शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों पर पहले की तुलना में कम निर्भर रहना पड़ेगा। राज्य के भीतर ही अधिक अवसर उपलब्ध होने से योग्य विद्यार्थियों को प्रवेश पाने की संभावना बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में मेडिकल सीटों के इस विस्तार से प्रदेश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश का सकारात्मक संकेत

हरियाणा में एमबीबीएस सीटों का लगातार बढ़ना केवल शिक्षा के विस्तार का संकेत नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य अवसंरचना, मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा प्रशिक्षण संस्थानों में बढ़ते निवेश का भी प्रमाण है। यदि यही गति बनी रही तो आने वाले वर्षों में हरियाणा देश के अग्रणी मेडिकल शिक्षा केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकता है।


 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Harman

Related News

static