हरियाणा की बेटी ने रचा इतिहास...23 साल की अस्मी पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल की सबसे युवा सदस्य बनीं
punjabkesari.in Tuesday, Oct 27, 2026 - 06:58 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के सदस्य पद पर अधिवक्ता अस्मी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। महज 23 वर्ष की उम्र में उन्होंने इतिहास रचते हुए देश की किसी राज्य बार काउंसिल की सबसे कम उम्र की सदस्य बनने का गौरव हासिल किया है। इसके साथ ही वह किसी भी राज्य बार काउंसिल में निर्वाचित होने वाली पहली जेन-जी (Gen-Z) सदस्य भी बन गई हैं।
रिटर्निंग अधिकारी प्रदीप परमार ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को शाम 4 बजे अस्मी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के सदस्य पद के लिए उस रिक्त सीट पर अपना नामांकन दाखिल किया था, जो न्यायमूर्ति मिंदरजीत यादव के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने के बाद खाली हुई थी।
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को नामांकन दाखिल करने की समय-सीमा समाप्त होने तक किसी अन्य उम्मीदवार ने अपना नामांकन दाखिल नहीं किया। इसके बाद नामांकन वापस लेने की निर्धारित अवधि समाप्त होने पर रिटर्निंग अधिकारी ने अस्मी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।
बार काउंसिल के पदाधिकारियों ने दी बधाई
अस्मी के निर्विरोध निर्वाचन के अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चेयरमैन अमित राणा, वाइस चेयरमैन शर्मिला शर्मा, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य कर्णजीत सिंह, पूर्व चेयरमैन डॉ. विजेंद्र सिंह अहलावत, पूर्व वाइस चेयरमैन गुरतेज सिंह ग्रेवाल और पूर्व चेयरमैन प्रताप सिंह उपस्थित रहे।
इसके अलावा बार काउंसिल के सदस्य रजनी नंदा, डॉ. डीपीएस रंधावा सहित अन्य सदस्यों ने भी अस्मी को बधाई दी। पंजाब के अतिरिक्त महाधिवक्ता हरिंदर पाल सिंह इशर और अधिवक्ता निहारिका सिंह ने भी उनके निर्वाचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
अस्मी के निर्वाचन के साथ पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल ने महिला प्रतिनिधित्व के मामले में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जारी जानकारी के अनुसार, अब इस बार काउंसिल में देश की सभी राज्य बार काउंसिलों की तुलना में महिला सदस्यों का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक हो गया है।
उनका निर्वाचन कानूनी पेशे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। साथ ही, यह युवा अधिवक्ताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो न्यायिक एवं विधिक संस्थाओं के संचालन और निर्णय प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।
युवा पीढ़ी के नेतृत्व का प्रतीक बनीं अस्मी
23 वर्ष की उम्र में राज्य बार काउंसिल की सदस्य निर्वाचित होना अस्मी के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ देश के कानूनी क्षेत्र में पीढ़ीगत बदलाव का भी प्रतीक माना जा रहा है। जेन-जी पीढ़ी से आने वाली पहली सदस्य के रूप में उनका निर्वाचन विधिक संस्थाओं में युवाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है। उनकी यह उपलब्धि देशभर के युवा कानूनविदों, विशेषकर महिला अधिवक्ताओं, को कानूनी क्षेत्र में आगे बढ़ने और नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाने के लिए प्रेरित करेगी।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)