हरियाणा बनेगा Global Hub, नायाब सरकार ने पेश किया IT, AI और ESDM सेक्टर का नया रोडमैप
punjabkesari.in Thursday, Apr 23, 2026 - 07:31 PM (IST)
चंडीगढ़: हरियाणा की नायब सरकार राज्य को इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ESDM), IT, एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स और गेमिंग सेक्टर का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में तेज़ी से कदम उठा रही है। सरकार एक ऐसी औद्योगिक नीति तैयार कर रही है, जो इन उभरते सेक्टरों में निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक होगी, साथ ही बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन, नवाचार और अत्याधुनिक तकनीकी विकास को भी बढ़ावा देगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को नई दिल्ली में नई औद्योगिक नीति के संबंध में उद्योगपतियों से बातचीत करते हुए कहा कि IT, एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और ESDM सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभर रहे हैं। हरियाणा में बेहतर बुनियादी ढांचा, मज़बूत कनेक्टिविटी और उद्योग-अनुकूल माहौल होने के कारण, इस सेक्टर में विश्व-स्तरीय निवेश आकर्षित करने की अपार क्षमता है। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हरियाणा को वैश्विक कंपनियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाना है, जहाँ देश और विदेश की अग्रणी कंपनियाँ निवेश करें। नई औद्योगिक नीति में ESDM कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इसमें पूंजी सब्सिडी, कर लाभ, कौशल विकास सहायता और 'व्यापार करने में आसानी' (Ease of Doing Business) जैसे प्रावधान शामिल होंगे, ताकि उद्योगों की स्थापना और विस्तार में कोई बाधा न आए।
प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि भविष्योन्मुखी उत्पादों और कुछ कंपनियों का चयन किया जाना चाहिए और उन्हें वैश्विक कंपनियाँ बनाने में मदद की जानी चाहिए, जिससे उस उद्योग से जुड़ी छोटी कंपनियों को भी लाभ होगा। इसके अलावा, स्टार्टअप्स के लिए अनुसंधान और विकास (R&D) पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए और अनुसंधान के लिए 'उत्कृष्टता केंद्र' (Centers of Excellence) स्थापित किए जाने चाहिए।
निर्यात उद्योग के लिए विदेशों में उत्पाद भंडारण की समस्याओं को हल करने हेतु वैश्विक गोदाम (Global Warehouses) स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि विभिन्न कंपनियाँ अपने उत्पादों को इन वैश्विक गोदामों में सुरक्षित रख सकें। बैठक के दौरान, कई कंपनियों ने कुशल कार्यबल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ITI को अपनाने में रुचि दिखाई, जिससे कंपनियों को अपनी आवश्यकता के अनुसार जनशक्ति (Manpower) प्राप्त करने में मदद मिलेगी। Microsoft AI पढ़ाई में मदद करेगा
Microsoft के संदीप अरोड़ा ने Microsoft के सहयोग से स्कूलों, ITI और अन्य शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देने पर चर्चा की। इसका मकसद युवाओं को भविष्य की उभरती तकनीकों से सशक्त बनाना है। इस पहल के तहत, छात्रों को शुरुआती स्तर से ही AI, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे आधुनिक कौशल सिखाए जाएँगे, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी मज़बूत भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। साथ ही, राज्य सरकार अनुसंधान और विकास (R&D) गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतिगत सहायता और प्रोत्साहन देगी, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
AVGC-XR क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा
राज्य सरकार एनीमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट, गेमिंग, कॉमिक्स (AVGC-XR) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित क्षेत्रीय नीति लाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि इस उभरते हुए रचनात्मक और प्रौद्योगिकी-आधारित उद्योग को संरचनात्मक विकास के लिए एक मंच मिल सके। इस बीच, FICCI AVGC-XR फोरम के अध्यक्ष श्री आशीष कुलकर्णी, पब्लिक पॉलिसी निदेशक (E-Gaming Federation) देवभूति बख्शी, और मीडिया और स्किल एंटरटेनमेंट काउंसिल के CEO मोहित सोनी ने सुझाव दिया कि ई-स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मज़बूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि युवाओं को नए अवसर मिलें और राज्य इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बढ़त हासिल कर सके। रचनात्मक और प्रदर्शन कला कौशल के विकास के लिए इनक्यूबेटर और 'सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस' को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जो नवाचार, स्टार्टअप और प्रतिभा को बढ़ावा दे सकें और हरियाणा को AVGC-XR क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर सकें।
पिंजौर में 'वेडिंग सिटी' बनाने के प्रयास तेज़ हुए
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिंजौर में स्थित ऐतिहासिक यादविंदर गार्डन में एक 'वेडिंग सिटी' विकसित करने की अपार संभावनाएँ हैं, और इसे राज्य के एक प्रमुख 'डेस्टिनेशन वेडिंग हब' के रूप में स्थापित किया जा सकता है। IHCL के प्रतिनिधि पुनीत मक्कर ने बताया कि इस परियोजना को विश्व-स्तरीय स्वरूप देने के लिए Taj Group के साथ विस्तृत चर्चाएँ चल रही हैं। इस साझेदारी के माध्यम से, यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई गति प्रदान करेगी। इसके अलावा, बैठक में फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस तथा ई-कचरा (E-waste) क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ भी विस्तृत बातचीत हुई और उनके सुझाव लिए गए। इस अवसर पर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त और सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, निदेशक श्री यश गर्ग, अतिरिक्त निदेशक (नागरिक उड्डयन) श्री मनीष कुमार लोहान, CEO और कार्यकारी निदेशक (इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर निर्यात संवर्धन परिषद) गुरमीत सिंह, सार्वजनिक नीति और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमुख (Microsoft) श्री संदीप, कॉर्पोरेट मामले भारत और सार्वजनिक नीति प्रमुख श्री रोहित चौहान, मुख्य परिचालन अधिकारी (जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड) श्री जगमोहन सूद, CMD (Precision Electronics) श्री अशोक कनोडिया, YSM Gyrox Aviation Private Limited ब्रिगेडियर हितेन, MD और CEO (Ostic Pharma Pvt.) उपस्थित थे।