High Court Decision: हरियाणा सरकार को झटका, हाईकोर्ट ने कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान देने का आदेश रखा बरकरार

punjabkesari.in Tuesday, Sep 29, 2026 - 09:48 AM (IST)

चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए हरियाणा सरकार की अपीलों को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान का लाभ देने के आदेश को पूरी तरह बरकरार रखा है। जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस मिंदरजीत यादव की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान कर्मचारियों की स्थिति वर्ष 2019 के 'वरुण गुप्ता बनाम हरियाणा सरकार' मामले से अलग नहीं है और उस फैसले को अंतिम रूप मिल चुका है।  

सरकार की दलीलें खारिज, वरुण गुप्ता मामले का दिया हवाला
अदालत में सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि 3 नवंबर 2017 के सरकारी निर्देशों की सही व्याख्या नहीं हुई है, इसलिए कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित रखा जाना चाहिए।हालांकि, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार के इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि   वरुण गुप्ता मामले में सरकार की अपील और उसके बाद दाखिल पुनर्विचारयाचिका भी पहले ही खारिज हो चुकी है।   जब समान परिस्थितियों वाले मामले में फैसला अंतिम हो चुका है, तो वर्तमान कर्मचारियों को भी उसी आधार पर न्यूनतम वेतनमान का लाभ दिया जाना कानूनी रूप से अनिवार्य है।   

सिंगल बेंच का फैसला बरकरार, कर्मचारियों में खुशी की लहर
खंडपीठ ने मामले से जुड़ी एकल पीठ के आदेशों को न्यायसंगत मानते हुए हरियाणा सरकार की सभी संबंधित अपीलों को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के इस रुख से लंबे समय से न्यूनतम वेतनमान के लाभ का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Isha

Related News

static