ड्राइवर भर्ती परीक्षा का पेपर देने से रोके जाने पर अभ्यर्थियों ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा

9/23/2021 8:02:03 PM

चंडीगढ़ (धरणी): रविवार को पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने ड्राइवर भर्ती परीक्षा का पेपर लिया था, लेकिन बहुत सारे अभ्यर्थियों को पेपर देने की इजाजत नहीं दी गई क्योंकि उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन की दोनों डोज नहीं लगी थी। ऐसे में कई अभ्यर्थियों ने एडवोकेट प्रदीप रापडिय़ा के माध्यम से याचिका दायर करके मामले को हाई कोर्ट के सामने उठाया है। वीरवार को हाईकोर्ट के जज संधावालिया ने हाईकोर्ट के विजिलेंस रजिस्ट्रार समेत रजिस्ट्रार जनरल और भर्ती करने वाली हाईकोर्ट सोसायटी को भी नोटिस जारी किया है। याचिका में हाईकोर्ट को पार्टी बनाने के अलावा रजिस्ट्रार विजिलेंस को भी पार्टी बनाया गया है।

याचिका में दलील दी गई है कि अभ्यर्थियों को भेजे गए रोल नंबर में कोविड दिशा-निर्देशों में वैक्सिनेशन की कोई शर्त नहीं थी, हालांकि फिर भी उन्होंने पहली डोज ले ली थी और दूसरी डोज के लिए 2-3 महीने बाद की तारीख दी गई है। इससे पहले अपनी मर्जी से कोई दूसरी डोज नहीं लगवा सकता। याचिका में ये भी दलील दी गई है कि किसी भी कानून के तहत किसी को वैक्सिनेशन के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। वैक्सिनेशन के बहाने उनके रोजगार के मौलिक अधिकार को छीना गया है।

बहस के दौरान याचिकर्ताओं वकील रापडिय़ा ने आरोप लगाया है कि परीक्षा केंद्र के बाहर कुछ लोग 1000-2000 रूपए लेकर कोविड नेगेटिव व वैक्सिनेशन डोज का सर्टिफिकेट बनाते देखे गए और कुछ अभ्यर्थियों को बिना वैक्सिनेशन के सबूत चेक किए हुए भी परीक्षा केंद्र में जाने दिया गया। ऐसे में भ्रष्टाचार की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि मामले में 4 हफ्ते के अंदर जवाब दायर करने की हिदायत देते हुए सुनवाई 28 अक्तूबर को निर्धारित की गई है।


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Content Writer

Shivam

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