मानसून सत्र अंतिम दिन की झलकियां: हरियाणा विधानसभा का शून्यकाल प्रदेशभर की स्थानीय समस्याओं का आईना बना
punjabkesari.in Tuesday, Sep 01, 2026 - 07:41 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्रशेखर धरणी): हरियाणा विधानसभा का शून्यकाल मंगलवार को प्रदेशभर की स्थानीय समस्याओं का आईना बन गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक अपने-अपने हलकों से ऐसे मुद्दे लेकर पहुंचे, जिनका सीधा संबंध रोजमर्रा की जिंदगी से है। कहीं पानी की किल्लत थी तो कहीं जलभराव, कहीं जर्जर स्कूल-अस्पताल थे तो कहीं कर्मचारियों की कमी और खाली पदों का सवाल।
सफाई कर्मियों की हड़ताल, किसानों के मुआवजे, सरकारी कर्मचारियों के वेतन, फायर ब्रिगेड की कमी, बेसहारा पशुओं और शहरों की बदहाल व्यवस्थाओं से लेकर प्रदेश की राजधानी और हाईकोर्ट हिसार ले जाने तक की मांग सदन में गूंजी। शून्यकाल में विधायकों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप और कई मामलों में नीतिगत बदलाव की मांग की। इस दौरान तीखे राजनीतिक तंज भी सुनने को मिले और स्थानीय समस्याओं के ठोस समाधान के सुझाव भी सामने आए।
कई हलकों में गूंजा रोजगार-नियमितीकरण का मुद्दा
सफाई कर्मियों की हड़ताल शून्यकाल में भी प्रमुख मुद्दा बनी रही। कांग्रेस विधायक रामकरण काला ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से पूरा शहर परेशान है। उन्होंने कर्मचारियों की सुनवाई करने और उन्हें पक्का करने की मांग की। शकुंतला खटक ने भी सफाई कर्मियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में 80 प्रतिशत स्कूलों के शौचालय खराब हैं और मायना, निगाना समेत कई स्कूलों की इमारतें जर्जर हैं। पूजा चौधरी ने कहा कि प्रदेशभर में सफाई कर्मियों का शोषण हो रहा है। एक भी कर्मचारी को पक्का नहीं किया गया और मानदेय भी नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने बिजली कर्मचारियों और ग्रामीण चौकीदारों के आंदोलन का भी जिक्र किया। 100-100 गज के प्लॉट देने के वादे का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि जब प्लॉट ही नहीं मिलेंगे तो गरीबों के सिर पर छत कैसे आएगी।
‘पावर का टोटा’ से लेकर पुलिस के वेतन तक, कर्मचारियों के मुद्दे छाए
कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दे एक साथ उठाए। उन्होंने बिजली निगम के कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस, 9,500 करोड़ रुपये की सात परियोजनाओं में समाप्त किए गए पदों को बहाल करने, गेस्ट टीचरों को नियमित करने और नर्सिंग कैडर की महिला कर्मचारियों को दूरदराज के क्षेत्रों में स्थानांतरित न करने की मांग की। HKRN कर्मचारियों के समान वेतन और OPS लागू करने की मांग भी रखी।
उन्होंने पुलिस जवानों को पंजाब के बराबर वेतन देने तथा दमकल विभाग में 1,900 खाली पद भरने और 186 गाड़ियों की कमी दूर करने की मांग की। शकुंतला खटक ने सरकार पर तंज कसते हुए समस्याओं की लंबी सूची गिनाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास ‘पावर का टोटा’ है।
किसानों को फसल का, मजदूरों को मजदूरी का, नहरों में पानी का, स्कूलों में शिक्षकों का, व्यापारियों को सुरक्षा का और अस्पतालों में दवाओं का टोटा है। युवाओं को रोजगार और कर्मचारियों को पक्की नौकरी नहीं मिल रही। उनका तंज था कि मुख्यमंत्री के पास पावर इसलिए नहीं है क्योंकि वे चपरासी तक की बदली नहीं कर सकते। भाजपा विधायक सुनील सांगवान ने एसएससी की तर्ज पर एचएसएससी का भी भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को भर्तियों का स्पष्ट समय पता चलेगा।
पानी और मुआवजा भी सदन तक पहुंचा
मामन खान ने अपने क्षेत्र के 20 गांवों में जलभराव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी किसान बिजाई से वंचित रहे और इस बार भी पानी नहीं निकल पाया। उन्होंने प्रभावित किसानों की विशेष गिरदावरी कराकर मुआवजा देने की मांग की। बूचड़खानों से निकलने वाली गंदगी और बदबू का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि गंदा पानी जंगल में भरा जा रहा है और अवशेष पंचायत की जमीन में दबाए जा रहे हैं।
राजबीर फरटिया ने कम बारिश से ग्वार, बाजरा और मूंग की फसल को हुए नुकसान का मुद्दा उठाते हुए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की। सिवानी क्षेत्र में पेयजल संकट और नहर में पानी की कमी दूर करने के साथ जरूरत वाले गांवों में वाटर टैंक बनाने की मांग भी रखी। सुनील सांगवान ने बौंद और दादरी डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी के बंटवारे की समस्या बताई। उनके मुताबिक आठ दिन पानी मिलता है, लेकिन कई माइनर होने के कारण कुछ जगह किसानों को एक-दो दिन ही पानी मिल पाता है। उन्होंने व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
हिसार को राजधानी बनाने से गांवों की तहसील बदलने तक
कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने उकलाना के चार गांवों को उनकी इच्छा के अनुसार हिसार और हांसी में शामिल करने की मांग की। उन्होंने एसवाईएल के मुद्दे पर हरियाणा के हिस्से का पानी लेने के लिए पंजाब सरकार से बात करने की बात कही।
साथ ही हरियाणा की राजधानी और हाईकोर्ट हिसार में बनाने की मांग रखी। इसी तरह योगेंद्र राणा ने असंध में लघु सचिवालय बनाने और हर उपमंडल स्तर पर लघु सचिवालय स्थापित करने की मांग की। कस्बों में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और तालाबों से गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान भी मांगा।
शहरों की बदहाली: बस स्टैंड, जलभराव और आवारा पशु
भाजपा विधायक मुकेश शर्मा ने गुरुग्राम के जर्जर बस स्टैंड की जगह 14-15 एकड़ जमीन पर आधुनिक बस स्टैंड बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम कॉरपोरेट हब है, इसलिए बस स्टैंड के ऊपर मॉल जैसी सुविधा भी विकसित की जा सकती है। शहर की करीब 100 कच्ची कॉलोनियों में सुविधाएं देने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति में सुधार हुआ है और पहले 76 स्थानों के मुकाबले अब सिर्फ पांच जगह समस्या रह गई है। विनोद भयाना ने शहरों में बेसहारा पशुओं के कारण हो रहे हादसों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि खाली प्लॉटों में पशु छोड़ दिए जाते हैं और बाद में झुंड बन जाते हैं। उन्होंने गोसेवा आयोग के बावजूद ऐसी घटनाएं जारी रहने पर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की। राजेश जून ने बहादुरगढ़ के लाइनपार और छोटूराम नगर फाटकों पर आरयूबी बनाने, आठ गांवों को नगर परिषद में शामिल कर नगर निगम बनाने, जल निकासी सुधारने तथा नया गांव और बामडौली के जर्जर स्कूलों को नए सिरे से बनाने की मांग की।
पानी, सड़क और अस्पताल की समस्याएं भी उठीं
शैली चौधरी ने नारायणगढ़ में दो नए वाटर बूस्टर, नई पेयजल पाइपलाइन और सीवरेज के लिए नए नालों की मांग की। किसानों को भावांतर योजना की राशि तत्काल जारी करने की मांग भी रखी। शकुंतला खटक ने कलानौर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं होने और क्षेत्र में 100 साल पुरानी सीवरेज-पेयजल लाइनों को बदलने की मांग की। गुढ़ान और काहनौर समेत टेल वाले गांवों में पानी पहुंचाने की मांग भी रखी। विनेश फोगाट ने जुलाना में पेयजल संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महिलाओं को पानी के लिए मटके लेकर जाना पड़ता है।
उन्होंने लंबित फाइलों और एस्टीमेट मंजूर करने, फसल जलने पर किसानों को मुआवजा देने तथा जुलाना में छोटी फायर ब्रिगेड की तीन-चार गाड़ियां उपलब्ध कराने की मांग की। रणधीर पनिहार ने नलवा और आदमपुर में स्वच्छ पेयजल, ढाणियों के लिए सड़क-बिजली की नई नीति, रावतखेड़ा और तलवंडी के स्कूलों के अपग्रेडेशन तथा गंगवा में खेल स्टेडियम की मांग की।
बिजली से लेकर प्रदूषण और सड़क तक सवाल
बिमला चौधरी ने फसल जलने वाले किसान को मुआवजा देने, जाटौली की सड़क पर लग रही सब्जी मंडी को अंदर शिफ्ट करने, बारिश से खराब सड़कों की मरम्मत और हेलीमंडी-जाटौली सड़क बनाने की मांग की।
रामकुमार कश्यप ने प्रदूषण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वाहनों और फैक्ट्रियों के धुएं से प्रदूषण बढ़ रहा है।
उन्होंने सरकारी जमीन पर बड़े स्तर पर पौधारोपण कर एक्यूआई को 0-50 के स्तर तक लाने की दिशा में काम करने की मांग की। देवेंद्र कादियान ने 10 साल पुराने डीजल वाहनों को केवल उम्र के आधार पर हटाने की नीति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर वाहन फिटनेस टेस्ट में सही है तो उसकी उम्र के बजाय फिटनेस को आधार बनाया जाए।
शक्ति रानी शर्मा ने कालका-परवाणु सड़क को फोरलेन करने का काम जल्द शुरू कराने और मोरनी व रायपुररानी ब्लॉक को नगर पालिका बनाने की मांग की।
आम लोगों से जुड़े कई और मुद्दे भी आए सामने
सावित्री जिंदल ने आग लगने से व्यापारियों को होने वाले नुकसान के लिए बेहतर बीमा और तत्काल मुआवजे की व्यवस्था तथा धार्मिक स्थलों को सोलर सब्सिडी योजना में शामिल करने की मांग की। नाबालिगों के ईवी चलाने पर रोक लगाने की भी मांग की।
भगवानदास कबीरपंथी ने खेतों में रहने वाले लोगों के रास्ते पक्के करने और गुल्लरपुर CHC का पांच साल से अधूरा निर्माण पूरा कराने की मांग की। रामकुमार गौतम ने पीए और ड्राइवरों का वेतन 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इन पदों पर काम करने वालों पर भी काम का दबाव रहता है।
मनमोहन भड़ाना ने आर्म्स लाइसेंस की प्रक्रिया सरल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में उनके हलके में शायद ही कोई लाइसेंस बना हो।
परमवीर सिंह ने टोहाना के राजकीय पॉलिटेक्निक का नाम बदलकर गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखने की मांग की। कुरुक्षेत्र के स्मारक में छोटे साहिबजादों की स्मृतियां शामिल करने, टोहाना-फतेहाबाद सड़क का नाम छोटे साहिबजादों के नाम पर रखने और उनके बलिदान दिवस पर अवकाश घोषित करने की मांग भी की।
रघुवीर तेवतिया ने यमुना पर बने फ्लाईओवर के कारण तटबंधों की ऊंचाई कम होने से करीब 400 एकड़ क्षेत्र में बाढ़ के खतरे की बात कही और एक किलोमीटर पहले नया तटबंध बनाने की मांग की।
पूजा चौधरी ने संत रविदास को मानने वाले समाज की जाति का नाम बदलकर मेघवाल किए जाने की चर्चा पर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसी कोई मांग समाज की ओर से नहीं है। इस पर मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ऐसा नहीं कर रहे और इस बात से इनकार कर चुके हैं।
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