निवेश की नई ''ऊर्जा'': हरियाणा में 4 हजार करोड़ से लगेगा जापानी प्लांट, बैटरी एनर्जी सेक्टर में आएगा बड़ा उछाल

punjabkesari.in Saturday, Mar 21, 2026 - 06:41 PM (IST)

चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी ): विदेशी निवेशकों के लिए हरियाणा पहली पसंद है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आए दिन विदेशी निवेशक प्रदेश में निवेश करने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं। भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट-2026 में जापानी कंपनी ने भी हरियाणा में 4 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने की इच्छा जताई है।
 
समिट के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल के साथ जापानी कंपनी टीडीके के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हरियाणा में करीब 4 हजार करोड़ रुपये निवेश करके नया प्लॉट बनाने की इच्छा जताई है। कंपनी यहां बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम यूनिट स्थापित करना चाहती है। बता दें कि टीडीके कंपनी ने पहले भी हरियाणा के सोहना में 180 एकड़ में प्लॉट स्थापित कर रखा है।

बता दें कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों की कंपनियां भी निरंतर प्रदेश में बड़ा निवेश कर रही हैं। प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति निरंतर नई सुविधाएं दे रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा पेश किए गए बजट में औद्योगिक क्षेत्र को विशेष महत्व दिया गया है। इससे प्रदेश में बेहतर औद्योगिक इकोसिस्टम बना है।
 
 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश में ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इससे निवेश को बढ़ावा मिला है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नई पहल के तहत उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद स्थापित किया जा रहा है, ताकि उत्पादन लागत, लॉजिस्टिक्स और प्रक्रियाओं से जुड़ी चुनौतियों को कम किया जा सके। इन सुधारों से न केवल निवेशकों का विश्वास बढ़ा है, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिला है।

हरियाणा सरकार ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) की वैश्विक सप्लाई चेन को और मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और नीति समर्थन को मजबूत किया जा रहा है, जिससे हरियाणा को एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित किया जा सके। यह पहल प्रधानमंत्री के ‘न्यू इंडिया’ के विजन के अनुरूप है, जिसमें आत्मनिर्भरता, औद्योगिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर विशेष जोर दिया गया है। इन सभी कार्यों का समन्वय 'विदेशी सहयोग विभाग' द्वारा किया जा रहा है। हरियाणा ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ यह विदेश सहयोग विभाग पूरी तरह से कार्यरत है।
 
इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री पवन चौधरी, टीडीके बिजनेस के सीईओ फुमिओ शशिदा, टीडीके एनर्जी से हिदेआकि सेकी, टीडीके एनर्जी डिवाइस से ताकाहिरो सुतो, काज़ुनोबू मियाके, टीडीके पावर सप्लाई से नाओकि कातायोसे, निशाल के चीफ इलेक्ट्रिक केंटारो ओका व अन्य अतिथि मौजूद रहे।
 


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Content Writer

Isha

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