जेजेपी का छलका दर्द- BJP के साथ न जाते तो ये हाल नहीं होता," गठबंधन पर दिग्विजय का आत्ममंथन
punjabkesari.in Sunday, Feb 08, 2026 - 01:33 PM (IST)
सोनीपत (सन्नी मलिक):- कभी किंगमेकर की भूमिका निभाने वाली जननायक जनता पार्टी आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। सोनीपत में 'युवा योद्धा जिला सम्मेलन' में शिरकत करने पहुंचे दिग्विजय चौटाला के तेवर बदले-बदले नज़र आए। साल 2018 में इनेलो से अलग होकर बनी जेजेपी ने 2019 में 10 सीटें जीतकर सबको चौंकाया था, लेकिन बीजेपी के साथ सत्ता की मलाई खाना उन्हें इतना भारी पड़ा कि इस बार खाता तक नहीं खुला। दिग्विजय ने खुले मंच से माना कि बीजेपी के साथ गठबंधन उनकी सबसे बड़ी सियासी चूक थी, जिसने जनता के बीच उनको शर्मिंदा कर दिया है।
दिग्विजय चौटाला केवल अपनी हार पर ही नहीं रोए, बल्कि नायब सैनी सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है और बदमाशों का राज है। बुजुर्गों की पेंशन काटे जाने पर उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि अगर कटौती करनी है तो विधायकों और सांसदों की मोटी कमाई पर कैंची चलाओ। चौटाला ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश के युवा सरकार की नीतियों से पूरी तरह रुष्ट होकर अब उनके खिलाफ लामबंद हो चुके हैं।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दिग्विजय ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि आबकारी विभाग मुख्यमंत्री के पास है और वहां लूट मची हुई है। उन्होंने सरकारी नौकरियों और कमीशन के खेल पर भी सवाल उठाए। वहीं आगामी निकाय चुनावों को लेकर उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ने को लेकर मंथन जारी है। दिग्विजय चौटाला का यह 'कबूलनामा' कि बीजेपी के साथ गठबंधन ने उन्हें बर्बाद कर दिया, आने वाले समय में हरियाणा की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है।
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