AI का विवेकपूर्ण इस्तेमाल आत्मनिर्भर भारत की कहानी लिखने में होगा अत्यंत कारगर साबित : मनोहर लाल
punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 08:08 PM (IST)
नई दिल्ली (संजय अरोड़ा): केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर निरंतर अपने विभागों की समीक्षात्मक बैठकें कर रहे हैं। नई-नई परियोजनाओं को लागू कर रहे हैं। अपने मंत्रालयों से जुड़े महत्वपूर्ण कॉन्क्लेव में शामिल हो रहे हैं। खास बात यह है कि मनोहर लाल खट्टर अपने स्कूल, गांव के समय, संघ के वक्त के पुराने एवं रोचक किस्सों को भी लगातार सांझा कर रहे हैं तो वे जब भी युवाओं के बीच जाते हैं तो हरियाणा की नीतियों का अवश्य जिक्र करते हैं।
बुधवार को उन्होंने नई दिल्ली में इंडिया ए.आई. इम्पैक्ट समिट में शिरकत की। इंडिया ए.आई. इम्पैक्ट समिट में शिरकत करने के बाद केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने फेसबुक पर लिखा कि ‘तकनीक का सबसे पहला उद्देश्य सबकी भलाई और सबकी खुशी होनी चाहिए, और यह इंसानियत की सेवा के लिए ही होनी चाहिए न कि उसे बदलने के लिए। इंडिया ए.आई. इम्पैक्ट-2026 भारत की उसी सर्वसमावेशी सोच ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ को प्रमुख रूप से दर्शाती है।
ए.आई. 2047 तक विकसित भारत को गढऩे, उसे एक मूर्त आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। ए.आई. का विवेकपूर्ण तरीके से इस्तेमाल नए आर्थिक मोर्चों पर सफलता प्राप्त करने, अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करने, आधारभूत संरचनाओं को अधिक मजबूत कर एक आत्मनिर्भर भारत की कहानी लिखने में अत्यंत कारगर साबित होने वाला है।’

गौरतलब है कि मनोहर लाल खट्टर 27 अक्तूबर 2014 से लेकर 12 मार्च 2024 तक करीब 9 साल 138 दिनों के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कई नए प्रयोग किए। साहसिक फैसलों के जरिए व्यवस्था परिवर्तन किया। कई ऐसी अनूठी योजनाओं को भी लागू किया, जिनका बाद में अन्य राज्यों ने भी अनुसरण किया।
अपने ओजस्वी विचारों से युवा विद्वानों को किया प्रेरित
केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इससे पहलेे नई दिल्ली में आयोजित बिजनैस कॉन्क्लेव में युवा विद्वानों के साथ संवाद किया तथा अपने ओजस्वी विचारों के जरिए उन्हें प्रेरित भी किया। उन्होंने इस बारे में फेसबुक पर लिखा कि ‘आज दिल्ली में आयोजित कॉन्क्लेव में प्रतिभाशाली युवा विद्वानों के साथ शानदार संवाद हुआ। मैंने नीति निर्माण के लिए आवश्यक बातों पर चर्चा की। स्पष्ट दृष्टिकोण, अनुशासित कार्यान्वयन और दृढ़ संकल्प।
मैंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की अनुकरणीय यात्रा और दृढ़ संकल्प को साझा किया, जिसने हरियाणा में सामाजिक परिदृश्य को बदल दिया। हमने इस बात पर भी चर्चा की कि वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत का बढ़ता स्थान, हमारी फलती-फूलती स्टार्टअप संस्कृति, हमारे डिजिटल भुगतान तंत्र का विस्तार और ए.आई. का जिम्मेदार उपयोग राष्ट्रीय विकास के अगले चरण को किस प्रकार आकार दे रहे हैं। मैं छात्रों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं।’
हरियाणा में भ्रष्टाचार के खेल को किया खत्म
वहीं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी समस्या थी लड़कियों को गर्भ में मारना। अब लिंगानुपात को कैसे सुधारा जाए, इसके लिए एक रणनीति बनाई गई। जनवरी 2015 से हरियाणा के पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। मोदी जी ने एक सकारात्म्क सोच के साथ यह पहल की। उस समय लिंगानुपात 860 था जो अब 930 तक पहुंचा है।
अभी भी इसमें सुधार की जरूरत है। 10 वर्षों में हरियाणा का मुख्यमंत्री रहते हुए अनेक नीतियां बनाईं। बहुत से लोग अपने स्वार्थ के लिए नीतियां बनाते रहे हैं। हमारे सहयोगियों को क्या लाभ होगा, इसको लेकर सोचते थे। मगर हमने प्रदेश हित को प्राथमिकता दी और उसी के अनुरूप नीतियां बनाईं। उन्होंने बताया कि हमारे यहां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एवं हरियाणा आधारभूतम सरंचना निगम दो महत्वपूर्ण रिहायशी एवं व्यावसायिक प्लाट देने में अहम भूमिका अदा करते हैं। प्लाट आवंटन में अनेक खामियां थीं। नीति को ऑनलाइन किया और एक ड्रा सिस्टम शुरू किया। इससे प्लाट आवंटन में पारदर्शिता आई। दोनों ही प्राधिकरण जो हानि में चल रहे थे और आज यह दोनों विभाग लाभ में आ गए हैं। इस नीति से गरीब परिवारों को भी काफी फायदा मिला है। हरियाणा में हमने भ्रष्टाचार के खेल को खत्म किया।
मिशन मैरिट को हमने सख्ती से किया लागू
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 2014 से पहले हरियाणा में सरकारी नौकरियां बिकती थी। सिफारिश चलती थी। नकल माफिया हावी था। सिफारिश के साथ पैसा भी चलता था। हमने मिशन मैरिट चलाकर नौकरियों को पारदर्शी तरीके से देने की पंरपरा शुरू की। बिना पर्ची-खर्ची के नौकरियां दी। हमने उसे सख्ती से लागू किया। हमारे अपने लोगों ने विरोध किया, लेकिन पांच साल बाद उसके ऐसे प्रभावी एवं सकारात्मक परिणाम सामने आए कि दूसरे राज्यों ने इसका अनुसरण किया और मैरिट पर नौकरियां मिलने का असर यह भी रहा है प्रदेश के विद्यार्थियों का पढ़ाई की तरफ रुझान और बढ़ा।
हरियाणा के पुस्तकालय जो बंद पड़े होते थे। होनहार विद्यार्थियों का मानना था नौकरी तो मिलनी नहीं। अब वहां देर रात तक विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। इसके साथ ही हमने सरकारी कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन तबादला नीति लागू की। केंद्रीय मंत्री ने युवा विद्वानों को संबोधित करते हुए कहा कि आपके पास व्यापार में सफल होने के लिए एक लंबा वक्त है। अपनी ऊर्जा का उचित उपयोग करें और राष्ट्रहित में अपना योगदान दें।
उन्होंने श्रीराम कालेज ऑफ कॉमर्स के पढ़ाई के स्तर की भी खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भी विद्यार्थियों के पढ़ाई का स्तर एवं ज्ञान का स्तर भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रबंधन में अच्छे-बुरे परिणाम को ध्यान में रखते हुए मैनेजमेंट बैलेेंस होना बेहद जरूरी है।
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