करनाल : फरिश्ता बनी नर्सिंग छात्रा, CPR देकर बुजुर्ग को लौटाई जिंदगी; अब कॉलेज में किया अभिनंदन
punjabkesari.in Saturday, Jul 18, 2026 - 03:12 PM (IST)
करनाल : करनाल जिला के असंध क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद एक बुजुर्ग महिला की जान बचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हादसे के बाद महिला को सांस नहीं आ रही थी और मौके पर मौजूद लोग केवल तमाशबीन बने रहे। इसी बीच एक नर्सिंग छात्रा ने भीड़ को चीरते हुए घायल महिला तक पहुंचकर तुरंत सीपीआर देना शुरू किया। करीब 2-3 मिनट की कोशिश के बाद महिला की सांसें वापस लौट आईं और बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
घटना का पूरा घटनाक्रम यह घटना 15 जुलाई की दोपहर की है। गांव राहड़ा निवासी सोनाक्षी, जो करनाल के गांधी कॉलेज में नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा है, कॉलेज से छुट्टी के बाद सरकारी बस से अपने गांव लौट रही थी। जैसे ही बस लाडो धाम के पास सवारियां उतारने के लिए रुकी, उसी दौरान सड़क पर मौजूद कुरुक्षेत्र के ईशाकपुर निवासी करीब 65 वर्षीय रोशनी देवी को एक बस ने टक्कर मार दी।
टक्कर लगते ही महिला सड़क पर गिर गई और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। हादसा होते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर इकट्ठा हो गए, लेकिन कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। बस में बैठी सोनाक्षी ने जब यह स्थिति देखी तो वह तुरंत बस से उतरी और भीड़ को हटाते हुए महिला तक पहुंची।
सोनाक्षी ने बिना समय गंवाए महिला की हालत को समझा और तुरंत उसे सीपीआर देना शुरू कर दिया। करीब 2 से 3 मिनट तक लगातार सीपीआर देने के बाद महिला की बंद हो चुकी सांसें वापस आने लगीं। यह देख वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। डॉक्टरों ने बताया कि यही प्रक्रिया उनकी बहन की जान बचाने में सबसे अहम साबित हुई। सतपाल के अनुसार, सोनाक्षी अस्पताल तक उनके साथ गई और रास्ते में भी लगातार उनकी बहन को सीपीआर देती रही। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने जुंडला चौकी पुलिस को बस चालक के खिलाफ शिकायत दे दी है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं गांधी कॉलेज में नर्सिंग की छात्राओं का हौसला बढ़ाया और उनका अभिनन्दन किया।
सीख दे गया यह घटनाक्रम पूरा घटनाक्रम एक बड़ा संदेश देता है कि आपात स्थिति में घबराने के बजाय सही कदम उठाना कितना जरूरी होता है। भीड़ में खड़े रहने से बेहतर है कि यदि किसी को प्राथमिक उपचार की जानकारी है तो वह आगे बढ़कर मदद करे। सोनाक्षी की इस बहादुरी और समझदारी ने न केवल एक बुजुर्ग महिला की जान बचाई, बल्कि समाज को यह भी सिखाया कि समय पर किया गया छोटा सा प्रयास भी किसी के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।