Kuldeep Bishnoi के हाथ फिर लगी मायूसी, संकट में परिवार की राजनीति...अब क्या होगा अगला कदम?
punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 05:38 PM (IST)
हरियाणा डेस्क : हरियाणा की राजनीति के प्रमुख चेहरों में रहे कुलदीप बिश्नोई का राजनीतिक भविष्य एक बार फिर चर्चा में है। राज्यसभा चुनाव में भाजपा द्वारा उन्हें टिकट न दिए जाने के बाद उनकी सियासी स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
कुलदीप बिश्नोई हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजनलाल के छोटे बेटे हैं। भजनलाल के निधन के बाद उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर हरियाणा जनहित कांग्रेस (HJC) नाम से अपनी अलग पार्टी बनाई थी। बाद में उन्होंने अपनी पार्टी का भारतीय जनता पार्टी में विलय कर लिया और भाजपा में शामिल हो गए।
पिछले राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार को जिताने में कुलदीप बिश्नोई की भूमिका अहम मानी गई थी। इसके बावजूद भाजपा ने उन्हें राज्यसभा का टिकट नहीं दिया। यही नहीं, हिसार लोकसभा सीट से भी उनका टिकट पहले ही काट दिया गया था। इससे उनके समर्थकों में निराशा देखने को मिली। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा में पहले से कई मजबूत गैर जाट नेता मौजूद हैं। ऐसे में कुलदीप बिश्नोई को उस वर्ग के बड़े चेहरे के रूप में उतना महत्व नहीं मिल पाया, जितनी उम्मीद उनके समर्थक कर रहे थे।

राजनीतिक भविष्य को लेकर खड़े होने लगे सवाल
भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने उनके बेटे भव्य बिश्नोई को आदमपुर उपचुनाव में टिकट देकर विधायक बनवाया था। हालांकि परिवार की मंत्री पद की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में भव्य बिश्नोई को फिर आदमपुर से टिकट मिला, लेकिन इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा और कांग्रेस उम्मीदवार रिटायर्ड IAS चंद्रप्रकाश ने जीत दर्ज की। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस हार के बाद कुलदीप बिश्नोई का सियासी प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा। इसी कारण उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।

अब यह विकल्प बचे हैं सामने
अब कुलदीप बिश्नोई के सामने तीन प्रमुख विकल्प माने जा रहे हैं। पहला, वे भाजपा में रहकर भविष्य में किसी बड़े मौके का इंतजार करें। दूसरा, वे कांग्रेस में वापसी का रास्ता तलाशें, जैसा कि हाल के समय में कई नेता कर चुके हैं। तीसरा विकल्प यह है कि वे दोबारा अपनी पुरानी पार्टी हरियाणा जनहित कांग्रेस को खड़ा करने की कोशिश करें, हालांकि मौजूदा राजनीतिक हालात में यह रास्ता काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
हरियाणा की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले कुलदीप बिश्नोई आगे कौन सा रास्ता चुनते हैं, इस पर आने वाले समय में प्रदेश की सियासत की दिशा भी काफी हद तक निर्भर करेगी।
(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)