इतिहास से सीखकर वर्तमान को समझें और भविष्य की कल्पना करें : प्रदीप मलिक

punjabkesari.in Saturday, Aug 08, 2026 - 03:15 PM (IST)

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बरवाला में हरियाणा अभिलेखागार विभाग, पंचकूला द्वारा 17 जुलाई से आयोजित ऐतिहासिक अभिलेखागार प्रदर्शनी का शनिवार को समापन हुआ। समापन समारोह में हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के उप निदेशक प्रदीप मलिक और अंबाला नगर निगम के एएमसी दीपक सूरा उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिवाच ने दोनों अतिथियों का स्वागत किया।

प्रदीप मलिक ने कहा कि इतिहास केवल बीते समय की कहानी नहीं, बल्कि वर्तमान को समझने और भविष्य की दिशा तय करने का एक मजबूत आधार है। व्यक्ति इतिहास से सीखता है, वर्तमान को समझता है और भविष्य की कल्पना करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की पहचान उसके इतिहास से जुड़ी होती है। अतीत की उपलब्धियां  और अनुभव वर्तमान को बेहतर बनाने तथा भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि इतिहास को केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे समाज और जीवन को समझने का माध्यम बनाना चाहिए। अभिलेख बीते हुए समय की आवाज हैं, जो आने वाली पीढ़ियों से संवाद करते हैं।

इतिहास के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रवीण ने प्रदर्शनी के बारे में बताया कि इसमें हरियाणा के इतिहास और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रदर्शित किए गए। इनमें 1857 के जनविद्रोह के समय हरियाणा की स्थिति, अंबाला में विद्रोह, हांसी के क्रांतिकारियों को अंग्रेजी शासन द्वारा दिए गए अमानवीय दंड का चित्रण, महारानी विक्टोरिया की 1858 की उद्घोषणा, 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन, 1920 में लाला मुरलीधर द्वारा ‘राय साहब’ की उपाधि का परित्याग तथा 1946 में आजाद हिंद फौज से संबंधित दस्तावेज प्रमुख रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे।

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)         


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Krishan Rana

Related News

static