डेरा सच्चा सौदा समर्थकों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, 2017 आगजनी मामले में बरी करने का फैसला बरकरार

punjabkesari.in Tuesday, Jul 14, 2026 - 12:34 PM (IST)

चंडीगढ़: पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट से डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के समर्थकों को एक बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने अगस्त 2017 में हुई हिंसा और आगजनी के एक मामले में निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) द्वारा डेरा समर्थकों को बरी किए जाने के फैसले को पूरी तरह सही ठहराया है और इसके खिलाफ दायर हरियाणा सरकार की अपील को खारिज कर दिया है।  

क्या था पूरा मामला?
2017 की हिंसा: अगस्त 2017 में साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख को दोषी ठहराए जाने के बाद हरियाणा के कई हिस्सों में भारी हिंसा और आगजनी हुई थी। आरोप था कि 25 अगस्त 2017 को लाठी-डंडों और पेट्रोल बम से लैस डेरा समर्थकों ने कैथल के कलायत में स्थित उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के कार्यालय में तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह (सेडिशन), आगजनी, और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था।  

हाई कोर्ट ने क्यों बरकरार रखा बरी करने का फैसला?  
भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर की डिवीजन बेंच ने हरियाणा सरकार की अपील को खारिज करते हुए निचली अदालत के 2019 के फैसले को सही माना। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष (Prosecution) आरोपियों पर लगाए गए आरोपों को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। न तो वे आरोपियों की पहचान ठीक से स्थापित कर पाए और न ही देशद्रोह या आगजनी के लिए जरूरी कानूनी तत्व साबित हुए। केवल संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।"   कोर्ट ने जांच में कई गंभीर कमियों, गवाहों के बयानों में विरोधाभास और फोरेंसिक पुष्टि के अभाव को देखते हुए डेरा समर्थकों (धर्मपाल, जसबीर, शिव कुमार और बलबीर) की रिहाई के फैसले को जारी रखा।



 


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Content Writer

Isha

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