116 करोड़ के घोटाले के मास्टरमाइंड मिश्रा को बड़ा झटका, CBI कोर्ट ने तीसरी बार खारिज की अग्रिम जमानत
punjabkesari.in Wednesday, Jul 15, 2026 - 11:49 AM (IST)
चंडीगढ़: नगर निगम और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के कर्मियों की मिलीभगत से हुए 116.84 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले में मुख्य आरोपी व नगर निगम के आउटसोर्स अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा को अदालत से बड़ा झटका लगा है।
सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए आरोपी अनुभव मिश्रा की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।घोटाला सामने आने के बाद से ही फरार चल रहे अनुभव मिश्रा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में यह तीसरी बार अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
इससे पहले उसने दो बार अर्जी लगाई थी, लेकिन बाद में उन्हें वापस ले लिया था। इस बार उसने याचिका में खुद को बेकसूर बताते हुए राहत की मांग की थी, जिस पर अदालत ने सीबीआई से जवाब तलब किया था। मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका को खारिज करने का फैसला सुनाया
स्मार्ट सिटी फंड में हेराफेरी का है आरोप
मार्च 2026 में उजागर हुए इस घोटाले में जांच एजेंसियां अब तक 10 से अधिक आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी हैं। जांच के मुताबिक, अनुभव मिश्रा इस पूरे नेक्सस के मुख्य किरदारों में से एक है। आरोप है कि नगर निगम की अकाउंट्स ब्रांच में रहते हुए उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे स्मार्ट सिटी फंड की एक बड़ी रकम को डायवर्ट किया और करोड़ों रुपये का गबन किया। सीबीआई अदालत द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब जांच एजेंसी के लिए फरार चल रहे अनुभव मिश्रा की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों का मानना है कि मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले से जुड़े कई और बड़े चेहरों का पर्दाफाश हो सकता है।