कर्मचारियों ने परिचितों को जारी कर दिए 25 करोड़ के Makemytrip गिफ्ट कार्ड, केस दर्ज
punjabkesari.in Thursday, Oct 15, 2026 - 07:29 PM (IST)
गुड़गांव, (ब्यूरो): कॉर्पोरेट गिफ्ट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता और गबन का मामला सामने आया है। नामी ट्रैवल कंपनी से जुड़े इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा की लंबी और गहन जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का बुधवार को डीएलएफ फेज-तीन थाने में मामला दर्ज किया है। गड़बडी 25 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक के गिफ्ट कार्ड तय नियमों से अधिक जारी करने का आरोप है। इससे कंपनी को काफी नुकसान भी हुआ है।
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मेक माई ट्रिप इंडिया के अधिकारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि यह पूरा वित्तीय गड़बढ़ी एक जनवरी 2021 से 30 जून 2024 के बीच की अवधि में गई। इस दौरान कंपनी कर्मचारी कंपनी के कॉर्पोरेट गिफ्ट कार्ड जारी करने में बड़ी अनियमितताएं की। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी ने एक ही यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर के विरुद्ध नियमों को ताक पर रखकर एक से अधिक गिफ्ट कार्ड जनरेट करवा लिए। इस तरह की सुनियोजित गड़बड़ियों के जरिए निर्धारित मूल्य सीमा और नियमों से परे जाकर कुल लगभग 25 करोड़ 14 लाख रुपये मूल्य के गिफ्ट कार्ड अवैध रूप से जारी करवा दिए गए। कंपनी के भीतर इस स्तर पर हुए भारी वित्तीय फेरबदल से हड़कंप मच गया।
गड़बड़ी की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे प्रकरण की प्रारंभिक और विस्तृत जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई थी। ईओडब्ल्यू की टीम ने पिछले काफी समय से इस पूरे वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजैक्शन और गिफ्ट कार्ड के वितरण की कड़ियों को खंगाला। जांच के दौरान जब एक ही यूआईएन पर कई-कई कार्ड्स जारी कर करोड़ों रुपये के गोलमाल के पुख्ता सबूत हाथ लगे, तो ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट के आधार पर डीएलएफ फेस-3 थाने में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की गई। फिलहाल पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां इस बात की भी तहकीकात कर रही हैं कि इस बड़े वित्तीय घोटाले में मुख्य आरोपी के अलावा और कौन-कौन लोग या आंतरिक स्तर पर कर्मचारी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी और गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी।