NCLT और कोर्ट आदेशों का अवश्य करें रजिस्ट्रेशन, एफ.सी.आर. डॉ. सुमिता मिश्रा ने जारी किए सख्त निर्देश
punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 05:03 PM (IST)
चंडीगढ़ : हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डा. सुमिता मिश्रा ने राज्य के मंडलायुक्त और उपायुक्तों को निर्देश दिए है कि वे नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल और न्यायालय के आदेशों का तय कानूनी नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन अवश्य सुनिश्चित करें। डा. मिश्रा ने कहा कि मुख्य राजस्व अधिकारी, सब-रजिस्ट्रार और संयुक्त सब-रजिस्ट्रार को नैशनल कंपनी ट्रिब्यूनल और कोर्ट के आदेशों के रजिस्ट्रेशन के संबंध में 13 नवम्बर, 2013 को पहले के जारी निर्देशों और 22 नवम्बर 2017 की अधिसूचना का पालन करना हैं।
नैशनल कंपनी ट्रिब्यूनल के आदेशों से जुड़े मामलों में इंडियन स्टैम्प एक्ट, 1899 के शैड्यूल 1-ए के आर्टिकल 23-ए के तहत 1.5 प्रतिशत की दर से स्टैम्प ड्यूटी लगती है, जिसकी ज्यादा से ज्यादा लिमिट 7.5 करोड़ रुपए है। इसी तरह नॉन-बोनाफाइड कोर्ट के आदेश भी इसी नियम के तहत आते हैं। इन कानूनी नियमों का पालन करके राज्य के खजाने पर स्टैम्प ड्यूटी राजस्व बढ़ाया जाना है। इंडियन स्टैम्प एक्ट के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और ऐसे मामलों में बिना किसी छूट के सही स्टैम्प ड्यूटी का आंकलन और रजिस्ट्रेशन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अचल संपत्ति के ट्रांसफर से जुड़े कई मामलों में न्यायालय द्वारा जारी स्टे ऑर्डर सब-रजिस्ट्रार के ऑफिस में पहुंचने पर जमाबंदी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किए जा रहे हैं।