मनोहर लाल बने सादगी की मिसाल, दिल को मोह रहा है हरियाणवी खाट पर बैठे हरियाणा के लाल का फोटो वायरल
punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 07:28 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): नाम मनोहर, काम मनोहर और शान भी मनोहर की मनोहर, जी हां, यह पंक्ति बिल्कुल फिट बैठ रही है हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान शक्तिशाली इस केंद्रीय मंत्री पर। आमतौर पर अक्सर छोटी सी उपलब्धि इंसान के मिजाज, व्यवहार और बात करने के स्टाइल को बदल देती है। लेकिन कड़ी मेहनत परिवार के अच्छे संस्कारो को साथ लेकर की जाए तो फर्श से अर्श तक की यात्रा पूरी होने के बाद भी उसकी उपलब्धि कभी संस्कारों पर हावी नहीं दिखती।
इस चित्र में साधारण खाट पर बैठा व्यक्ति किसी तारीफ का मोहताज नहीं। भ्रष्टाचार-अपराध और पिछड़ेपन में नंबर वन कहे जाने वाले हरियाणा को इस शख्सियत ने अपने मजबूत डिसीजनों के दम पर हरियाणा के सिस्टम को पूरी तरह से पारदर्शी बनाकर देश में एक बड़ी मिसाल कायम की। भारतीय जनता पार्टी का यह बेहद सादा साधारण जीवन जीने वाला कर्मठ, इमानदार सिपाही सदा संगठन की बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां निभाता चलता रहा।
इनकी योग्यता, कार्य कुशलता और न्याय प्रिय विचारधारा वरिष्ठ नेताओं को इतनी भायी कि इन्हें एक बड़े टास्क के रूप में हरियाणा की जिम्मेदारी सौंप डाली। जहां नौकरियों की बोली का प्रचलन था, उस हरियाणा को सुधारना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। किसान, मजदूर, व्यापारी, महिलाएं हर वर्ग के कल्याण को लेकर जहां बड़े कार्य हुए, वहीं अधिकारियों के माध्यम से होने वाली लूट के रास्ते बंद किए गए जिस कारण सरकारी खजाने एकाएक भरे और विकास की गंगा कई गुना तेजी से बही।
मनोहर लाल की ही देन है कि आज शरीफ, कमजोर वर्ग खुली सांस ले रहा है, नौकरियों की बंदरबांट न होकर काबिल होनहार को मिल रही है। हरियाणा की मिट्टी का यह लाल मनोहर लाल आज इस देश के विद्युत मंत्री हैं। बेहद साधारण परिवार से यहां तक पहुंचने के बावजूद सादगी आज भी इनके रोम रोम में बसी है, इस फोटो के माध्यम से हमने आपको दिखाने का प्रयास किया है बेहद सरल स्वभाव, साधारण वेशभूषा, सहज बैठने की मुद्रा और उनका शांत व्यक्तित्व उनकी जमीन से जुड़ी सोच का परिचय दे रहे हैं।
दिखावे से कोसों दूर, कर्म प्रधान राजनीति में विश्वास रखते हुए मनोहर लाल हमेशा अपने निर्णयों में पारदर्शिता रखते रहे और प्रदेश के कार्य में निरंतरता उनकी पहचान मजबूत होती नजर आती रही है। साधारण परिवेश में बैठकर भी असाधारण संकल्प लेना उनकी कार्यशैली का हमेशा हिस्सा रहे है। जनसेवा को ही सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने प्रशासन में ईमानदारी और जवाबदेही को मजबूती दी है। सरल जीवन, उच्च विचार-यही उनकी नेतृत्व यात्रा का मूल मंत्र रहा है। उनकी इसी विचारधारा को प्रदेश की जनता ने हमेशा स्नेह योग्य माना है।
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