मनोहर लाल का ट्रेन से सफर, जनता से सीधा संवाद और टीम भावना ने बनाई अलग पहचान

punjabkesari.in Sunday, Jun 28, 2026 - 08:39 AM (IST)

चंडीगढ़ (धरणी) : राजनीति में अक्सर बड़े पद के साथ नेताओं की जीवनशैली भी बदल जाती है, लेकिन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल अपनी सादगी, अनुशासित जीवन और आम लोगों से सीधे जुड़ाव के कारण आज भी अलग पहचान रखते हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शी शासन की नई कार्यशैली स्थापित की, वहीं केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद भी जनता से उनका सीधा संवाद लगातार जारी है।

मनोहर लाल जब भी अपनी लोकसभा क्षेत्र करनाल या हरियाणा के अन्य हिस्सों के दौरे पर आते हैं, तो कई बार ट्रेन से यात्रा करना ही पसंद करते हैं। यात्रा के दौरान वे यात्रियों से बातचीत करते हैं, उनकी समस्याएं सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों को समाधान के लिए निर्देश भी देते हैं। रास्ते में आने वाले रेलवे स्टेशनों पर रुककर वे स्थानीय नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करते हैं तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर फीडबैक प्राप्त करते हैं। उनकी यही सहज कार्यशैली उन्हें आम जनता के बीच लोकप्रिय बनाती है।

मुख्यमंत्री रहते हुए प्रशासनिक सुधारों को दी नई दिशा

केंद्रीय मंत्री के मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया का कहना है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर लाल का कार्यकाल सुशासन, पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने सरकारी व्यवस्था को अधिक डिजिटल, जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए। कटारिया के अनुसार, सरकारी नौकरियों में योग्यता आधारित भर्ती प्रणाली लागू कर "पर्ची-खर्ची" की राजनीति पर प्रभावी रोक लगाई गई। वहीं सीएम विंडो जैसी व्यवस्था ने आम नागरिकों को अपनी शिकायत सीधे सरकार तक पहुंचाने का सशक्त मंच उपलब्ध कराया, जिससे प्रशासन और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत हुआ।
संगठन को हमेशा दिया सर्वोच्च महत्व

सुदेश कटारिया का कहना है कि मनोहर लाल की सबसे बड़ी विशेषता उनका मजबूत संगठनात्मक कौशल है। उन्होंने हमेशा टीम भावना को प्राथमिकता दी और कार्यकर्ताओं को सम्मान देने की परंपरा को आगे बढ़ाया। एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर मुख्यमंत्री और फिर केंद्रीय मंत्री बनने तक का उनका सफर संगठन के प्रति समर्पण, अनुशासन और निरंतर मेहनत का उदाहरण माना जाता है। वे व्यक्तिगत उपलब्धियों के बजाय सरकार और संगठन की सामूहिक सफलता को अधिक महत्व देते हैं। यही विनम्रता और संतुलित नेतृत्व शैली उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाती है।

जमीनी कार्यकर्ताओं से आज भी बना हुआ है सीधा जुड़ाव

कटारिया का कहना है कि उच्च पदों पर पहुंचने के बाद भी मनोहर लाल ने जमीनी कार्यकर्ताओं से दूरी नहीं बनाई। वे नियमित रूप से छोटे कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से मिलते हैं तथा उनकी राय और सुझावों को गंभीरता से सुनते हैं। यही कारण है कि संगठन और जनता दोनों के बीच उनका मजबूत विश्वास कायम है।

सादगी और अनुशासन उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी पहचान

कटारिया के अनुसार, मनोहर लाल का व्यक्तिगत जीवन सादगी, अनुशासन और राष्ट्र सेवा के मूल्यों पर आधारित रहा है। अविवाहित रहते हुए उन्होंने अपना जीवन सार्वजनिक सेवा को समर्पित किया। उनकी दिनचर्या में योग, ध्यान और आध्यात्मिक चिंतन का विशेष स्थान है। वे लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे, जिसका प्रभाव आज भी उनके जीवन और कार्यशैली में स्पष्ट दिखाई देता है। सीमित आवश्यकताओं वाला जीवन, समय की पाबंदी, दिखावे से दूरी और साधारण कार्यकर्ताओं के बीच सहज रूप से बैठकर भोजन करना उनके स्वभाव का हिस्सा है।

सादगी और जनसेवा से बनी अलग पहचान

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मनोहर लाल की पहचान केवल एक प्रशासक या राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में बनी है जो सादगी, पारदर्शिता, संगठनात्मक क्षमता और जनता से निरंतर संवाद को अपनी राजनीति का आधार मानते हैं। यही विशेषताएं उन्हें हरियाणा ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी अलग स्थान दिलाती हैं।

 

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)               

 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Manisha rana

Related News

static