राजकीय सम्मान के साथ विदा हुआ अग्रोहा का लाल सतपाल, लेह में ड्यूटी के दौरान हुआ शहीद
punjabkesari.in Thursday, Aug 20, 2020 - 11:08 PM (IST)
अग्रोहा (हनुमान): हिसार के अग्रोहा के छोटे से गांव भोडा होशनाग में जन्मा हरियाणा का लाल सतपाल सिंह भारत मां की रक्षा करते हुए सरहद पर शहीद हो गया। शहीद सतपाल का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव की सीमा में दाखिल हुआ सैकड़ों की संख्या में युवा काफिले में शामिल हो गए और भारत माता का जयघोष करते हुए अपने असली हीरो को सलामी दी।
सेना की गाड़ी के आगे आगे लोगों की भारी भीड़ थी। जिस रास्ते से शहीद सतपाल की पार्थिव देव ने श्मशान घाट तक आना था उस रास्ते पर फूलों की चादर बिछा दी गई। जहां तक नजर पड़ी सिर्फ लोग ही लोग दिखाई दे रहे थे। अपने गांव के बहादुर बेटे को अंतिम विदाई देने मानो जैसे जनसैलाब उमड़ पड़ा।

देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सतपाल को उनकी साढ़े चार साल की बड़ी बेटी साक्षी ने मुखाग्नि दी। ये मंजर देख कर हर वो आंख नम हो गई जो इस ऐतिहासिक विदाई की साक्षी बन रही थी। राजकीय सम्मान के साथ शहीद सतपाल को पंचतत्व में विलीन कर दिया गया। शहीद के परिजनों ने सरकार से परिवार की आर्थिक मदद की मांग की है।

1988 में जन्मे 32 साल के सतपाल 7 महीने पहले ही छुट्टियों पर अग्रोहा अपने घर आए थे। देश के 74वें स्वतंत्रता दिवस पर अपनी मां के आंचल से सैंकड़ों किलोमीटर दूर लद्दाख में हुए हादसे ने उन्हें हमेशा हमेशा के लिए भारत मां की गोद में सुला दिया।सेना के अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उस परिवार को नमन किया जिसने सतपाल जैसे सपूत को जन्म दिया। अपने मां बाप का इकलौता सहारा देश के लिए कुर्बान हो गया।

वीर सतपाल ने तो देश रक्षा में सर्वस्व न्यौछावर कर दिया लेकिन अब उस परिवार की नम आंखें सरकार की ओर मदद की आस से देख रही हैं। लेकिन अब देखना ये होगा कि शहीद के परिवार के भरण पोषण के लिए सरकार क्या करती है?