डोडा में शहीद जवान मोहित चौहान पंचतत्व में विलीन, छोटे भाई ने दी मुखाग्नि...घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल

punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 04:02 PM (IST)

झज्जर (दिनेश मेहता) : जम्मू-कश्मीर के डोडा में हुए हादसे में झज्जर जिले के गांव गिजाड़ोद निवासी जवान मोहित के शहीद होने की खबर मिलते ही गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद मोहित भारतीय सेना की 72 आर्मर्ड रेजिमेंट में सिपाही के पद पर कार्यरत थे। वे साल 2020 में सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में श्रीनगर क्षेत्र में तैनात थे, जहां देश की रक्षा करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। 

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मोहित की निजी जिंदगी भी हाल ही में खुशियों से भरी थी। एक साल पहले उनकी शादी अंजलि से हुई थी और कुछ दिन पहले ही दोनों ने अपनी पहली शादी की सालगिरह भी मनाई थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। मोहित के पिता सतपाल खेती-बाड़ी करते हैं, माता रेखा गृहणी हैं, जबकि छोटा भाई जितेंद्र वाहन चालक का काम करता है। शहीद की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शहीद मोहित का पार्थिव शरीर जब झज्जर शहर के बाईपास पर पहुंचा, तो गांव और जिले के हजारों युवा काफिले के रूप में उन्हें लेने पहुंचे। देशभक्ति नारों और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ काफिला गांव गिजाड़ोद पहुंचा। गांव में पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। 

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गांव की पंचायती जमीन पर राजकीय सम्मान के साथ शहीद मोहित का अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई जितेंद्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान भारत माता की जय के नारों के बीच ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने लाडले बेटे को अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में भाजपा की राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़, बादली विधायक कुलदीप वत्स के बड़े भाई ईश्वर वत्स सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि झज्जर वीरों की भूमि है और मोहित की शहादत पर पूरे देश को गर्व है।

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Content Writer

Manisha rana

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