हरियाणा में मानसून की आखिरी दस्तक: 17 और 18 सितंबर को पूरे हरियाणा में बारिश के आसार, इस दिन से विदाई
punjabkesari.in Wednesday, Sep 16, 2026 - 06:58 PM (IST)
हिसार(विनोद): हरियाणा में इस बार मानसून की रफ्तार सुस्त रहने से किसानों की मुश्किलें बढ़ी हैं। प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अब मानसून की विदाई से पहले 17 और 18 सितंबर को प्रदेश में एक बार फिर बारिश होने की संभावना है।
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि पिछले कई दिनों से प्रदेश का मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। दक्षिणी हरियाणा में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई है। दिन का तापमान करीब 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
डॉ. खीचड़ के मुताबिक मानसून ट्रफ के नीचे आने के कारण आज देर रात से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 17 और 18 सितंबर को हरियाणा के ज्यादातर क्षेत्रों में कहीं हल्की, कहीं मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हवाएं भी चल सकती हैं।
इन जिलों में ज्यादा असर की संभावना
बारिश का असर खास तौर पर अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर और पलवल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है।मौसम वैज्ञानिक के अनुसार यह बारिश देर से लगाई गई धान की फसल के लिए फायदेमंद हो सकती है। सब्जियों, फलदार पौधों और अन्य फसलों के लिए भी बारिश लाभकारी रहने की संभावना है। वहीं सरसों की बिजाई के लिए भी यह बारिश अनुकूल रहेगी।नरमा-कपास की चुनाई का काम चल रहा है, इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे चुनाई जल्द पूरी कर लें, ताकि बारिश से नुकसान की संभावना कम रहे।
19 सितंबर से मानसून की विदाई
डॉ. खीचड़ ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 19 सितंबर से राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे हरियाणा और पंजाब से भी मानसून की विदाई शुरू होगी। मानसून के पीछे हटने के बाद पश्चिमी हवाएं चलेंगी और मौसम धीरे-धीरे खुश्क होने लगेगा। मानसून की विदाई के बाद दिन के तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगेगी।
हरियाणा में 23% बारिश कम
डॉ. खीचड़ के अनुसार हरियाणा में कई जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है। पूरे प्रदेश की बात करें तो अब तक करीब 23 प्रतिशत बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। ऐसे में 17-18 सितंबर की बारिश किसानों के लिए मानसून की विदाई से पहले एक अहम राहत साबित हो सकती है।