हरियाणा के रहने वाले पूर्व विधायक का राजस्थान में मर्डर, 70-80 लोगों के हमले का आरोप; 4 साल से क्रेशर लीज को लेकर चल रहा था विवाद
punjabkesari.in Monday, Oct 12, 2026 - 10:24 AM (IST)
फरीदाबाद/भरतपुर (अनिल राठी) : राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना के पूर्व विधायक और भाजपा नेता अतर सिंह भड़ाना की कथित हमले में मौत हो गई। रविवार शाम भौंड़ा गांव स्थित उनके क्रेशर खनन लीज प्लांट पर हुए संघर्ष में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें पहले वैर उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान रात करीब 11:30 बजे उनकी मौत हो गई। घटना में उनके सहयोगी गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें भरतपुर रेफर किया गया।
अतर सिंह भड़ाना मूल रूप से हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले थे। वह वर्ष 2003 में राजस्थान की वैर विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक चुने गए थे। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
क्रेशर प्लांट पर पहुंचते ही हुआ विवाद
अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश के मुताबिक, उनके पति रविवार शाम करीब 6:30 बजे क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे। इसी दौरान 70 से 80 लोगों ने उन पर और उनके साथ मौजूद लोगों पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में अतर सिंह और उनके सहयोगी गगन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। पत्नी ने अतर सिंह को गोली लगने का भी दावा किया है, हालांकि वैर अस्पताल के चिकित्सकों ने शुरुआती जांच में गोली लगने की घटना से इनकार किया है। पुलिस फायरिंग के आरोपों की भी जांच कर रही है।
पत्नी का आरोप- पुलिस को दी जाती थी सूचना, नहीं हुई कार्रवाई
अतर सिंह की पत्नी कमलेश ने आरोप लगाया कि क्रेशर लीज का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था और वाटर पंप भी खराब कर दिया गया था। लीज पर जाने वाले लोगों को भी वहां से भगा दिया जाता था। इस संबंध में पुलिस और प्रशासन को रोजाना सूचना दी जाती थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कमलेश के अनुसार, घटना के समय क्रेशर प्लांट पर करीब 20 से 25 कर्मचारी मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार शाम को हुए हमले में उनके पति और अन्य लोगों को निशाना बनाया गया।
चार साल से चल रहा था क्रेशर को लेकर विवाद
थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के मुताबिक, क्रेशर प्लांट को लेकर ग्रामीणों और उसके संचालक के बीच पिछले करीब चार साल से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि अतर सिंह ने चारागाह की जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ था और अवैध खनन किया जा रहा था। लीज तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर भी विवाद था।
बताया गया कि ग्रामीण पिछले करीब दो साल से बीच-बीच में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले एक साल से क्रेशर बंद था और अतर सिंह उसे दोबारा चालू करवाने का प्रयास कर रहे थे। इसी सिलसिले में वह रविवार को प्लांट पर पहुंचे थे, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।
ग्रामीणों का दावा- धरना स्थल से हटाने पर बढ़ा विवाद
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 10 से 15 दिनों से क्रेशर प्लांट के बाहर शांतिपूर्ण धरना चल रहा था। रविवार शाम भड़ाना पक्ष के 40 से 50 लोग मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल से हटा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और लाठी-पत्थर चलने लगे। इसी संघर्ष में अतर सिंह भड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।
अस्पताल में रात 8:15 बजे लाए गए थे घायल
वैर उप जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रवि के अनुसार, रविवार रात करीब 8:15 बजे घायलों को अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद अतर सिंह भड़ाना और गगन शर्मा को रेफर कर दिया गया। अतर सिंह को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात करीब 11:30 बजे उनकी मौत हो गई।
थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार, फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में मामला दर्ज नहीं कराया गया था। भरतपुर से अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। पुलिस फायरिंग के आरोपों, घायलों की संख्या और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।