नायब सैनी की जबरदस्त मुहिम: डंकी रूट से विदेश जाने वालों के मृत्यु होने को लेकर राज्य में कल्याण कोष शुरू
punjabkesari.in Thursday, Apr 16, 2026 - 06:23 PM (IST)
चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा की नायब सिंग सैनी सरकार ने विदेशी धरती पर फंस जाने और किसी भी कारण से मृत्यु हो जाने जैसे मामलों को लेकर राज्य में कल्याण कोष से मदद की मुहिम चलाई हुई है। सैनी सरकार ने मामले में उन परिवारों की मदद की है, जिनके पास विदेशी धरती से शव लाने तक के पैसे नहीं थे। कईं मामलों में इसी तरह से भरपूर मदद की जा रही है। विदेशी धरती पर डॉलर और पैसे के खेल को लेकर युवा फंस गए और बाद में उनके पास बचने का कोई रास्ता नहीं था, इस तरह के हालात में राज्य सरकार ने हेल्प की है।
विदेश जाने के इच्छुक युवाओं खासतौर पर पंजाब से लगते जिलों में अभी भी विदेशी धरती पर जाकर डॉलर कमाने का ग्लैमर कम नहीं हुआ है। यही कारण है कि पिछले दो से ढाई से तीन साल के बीच में डेढ़ सौ युवाओं की जान जा चुकी है। इतना ही नहीं अपनी जमीन और कर्जा लेकर विदेशी धरती पर जाने वालों के सामने जब युवाओं की मृत्यु हो जाती है, तो विदेशी धरती से शव लाने तक के पैसे नहीं होते, इस तरह के हालात में हरियाणा की भाजपा सरकार और नायब सैनी अपने रिलीफ फंड से इस तरह के परिवारों की मदद कर रहे हैं।
पैसे से नहीं बल्कि अन्य तरीको से भी मदद
विदेश जाने वाले युवाओं को अब संयम के साथ में जाने वाले देशों में बोली जाने वाली भाषा सिखाने से लेकर जाने से खास ट्रेनिंग की व्यवस्था की जा रही है। वहां जाने के बाद में उनके सामने कोई चुनौती आने के हालात में उन्हें उसका निराकरण कैसे करना है। संकट में फंसने और जान गंवाने, अथवा दुर्घटना का शिकार होने, डंकी में फंस जाने पर पहला कदम क्या उठाना है ? सभी बातें सिखाई जा रही हैं। इतना ही नहीं उसके बाद भी कोई संकट आने के हालात में परिवारों की मदद का काम सरकार द्वारा किया जा रहा है।
150 युवाओं की जान गई
बताया गया है कि गत दो से तीन साल के बीच हरियाणा के विभिन्न जिलों से लगभग 150 युवाओं की विभिन्न कारणों से जान गई हैं। इसमें डंकी रूट से जाने वालों के रास्ते में जान गंवाने से लेकर विदेशी धरती पर दुर्घटनाएं साथ ही भयंकर बीमारी में अस्पताल में भर्ती होने के बाद दम तोड़ देने, पानी में डूब जाने के बाद मौत अथवा कईं बार लुटेरों द्वारा लूटपाट के बाद में हत्या जैसे मामले भी शामिल हैं।
अहम बात यह है कि गत बीते एक साल के अंदर 39 मौत युवाओं की हुई हैं। कर्जा लेकर विदेश चले जाने वाले और वहां जान गंवाने वाले भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने रिलीफ फंड से पांच से सात लाख की अधिकांश परिवारों की मदद की है। जिलों से जिनसे युवाओं का कनैक्शन है, उनमें करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, गुरुग्राम, अंबाला, झज्जर कैथल, हिसार, फतेहाबाद पंचकूला जैसे जिलों के मामले शामिल हैं। इसमें किसी की मौत दुर्घटना में हुई है, तो कई बीमार होकर मरा है। इसके अलावा डंकी रूट पर गलत लोगों के हत्थे चढ़ने वाले भी शामिल हैं। हार्ट अटैक और अन्य किसी भयंकर बीमारी की चपेट में आने, अपहरण, आत्महत्या जैसे मामले शामिल हैं। परिवारों की ओर से राज्य सरकार से मदद मांगी गई और सरकार ने समय पर कदम उठाते हुए इस तरह के संकट में मदद का काम भी किया है।
मदद की मांग करने वालों के लिए कल्याण कोष
राज्य के जिन परिवारों द्वारा राज्य सरकार को लिखित में आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई है। इस तरह के मामलों में राज्य सरकार की ओर से मदद की गई है। राज्य में कल्याण कोष की स्थापना कर दी गई है, हरियाणा पहला इस तरह का राज्य है, जहां पर इस तरह से मदद के लिए कोष की स्थापना की गई है। इतना ही नहीं बल्कि यहां से मदद की शुरुआत हो गई है। उक्त कोष की स्थापना इमरजेंसी की स्थिति और विदेशी धरती पर भारतीय व्यक्तियों के फंसने की स्थिति में उनकी मदद के लिए कदम उठाए जाते हैं।
लैंग्वेज का प्रशिक्षण
राज्य में विदेशी भाषा सिखाने की व्यवस्था की गई है ताकि हमारे देश से इजराइल, फ्रांस, जर्मन और इटली, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में जाकर युवाओं को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो। विदेशों में रहने वाले हरियाणा की संस्थाओं, एसोसिएशन से भी प्रदेश सरकार के अफसर संपर्क में हैं। वहां जाकर क्या करें और क्या ना करें ? वहां के नियमों के बारे में भी जाने से पहले युवाओं को ट्रेंड करने के लिए दो दिनों की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। इस क्रम में करनाल में भी एक शिविर का आयोजन किया गया था।
युवाओं को रोजगार
सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के कारण बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। अहम बात यहां पर यह है कि अभी तक ढाई सौ लगभग युवाओं को इजराइल, दुबई आदि देशों के साथ साथ में कईं अन्य देशों में उनके हुनर के हिसाब से रोजगार दिलाया जा चुका है।
26 जागरूकता बैठकें
युवा वर्ग खासतौर पर बेरोजगार विदेश जाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में नहीं डालें, इस दिशा में भी सरकार की ओर से खास प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक 26 स्थानों पर बैठकों का दौर चल चुका है, आम लोगों ग्रामीणों में जन जागरण किया जा रहा है। खासतौर पर पंजाब से लगते जिलों जहां से विदेश जाने का क्रेज ज्यादा है। राज्य स्तर के कार्यक्रम किए गए हैं। लेकिन आने वाले दिनों में जिला स्तर और ग्रामीण स्तर पर भी यह कार्यक्रम चलाने की तैयारी कर ली गई है। खास बात यह है कि जिन देशों के बारे में युवाओं को जानकारी नहीं है और वहां पर रोजगार के ज्यादा चांस हैं, उस बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
सरकार द्वारा गठित फॉरेन कारपोरेशन की कमान संभाल रही वरिष्ठ आईएएस अमनीत पी कुमार का कहना है कि राज्य की सरकार विदेश में डिमांड के हिसाब से युवाओं को उनके हुनर के हिसाब से विदेश भेज रही है एचकेआरएन के तहत भी हमने युवाओं को भेजा है। लेकिन उन्हें उस देश की भाषा, सामान्य चीजों, नियम कानून अन्य बातों के बारे में पता होना चाहिए।