बदला रिवाज, बढ़ी बेटियां: अब सरपंच नहीं, गांव की मेधावी बेटियों को मिलता है ''बेस्ट विलेज'' का नकद पुरस्कार

punjabkesari.in Tuesday, Mar 24, 2026 - 10:25 AM (IST)

बराड़ा(अनिल शर्मा):  मुलाना के गावँ धीन ने लिंगानुपात में बाजी मारी है। गांव को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बेस्ट विलेज अवार्ड के लिए चयनित किया है। गांव में वर्ष 2025 में प्रति एक हजार लड़कों पर 1379 लड़कियों ने जन्म लिया । इस अवार्ड के लिए चयनित होने पर स्वास्थ्य विभाग ने गांव की तीन बेटियों को डेढ़ लाख रुपये की धनराशि दी है, इसमें 10वीं में प्रथम, द्वितीय व तीसरे स्थान पर आने वाली लड़कियां शामिल हैं।

योजना के तहत 75 हजार रुपये की धनराशि प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली नैन्सी, द्वितीय स्तर पाने वाली मंदीप कौर को 45 हजार रुपये और तीसरे स्थान पर आने आशु को 30 हजार रुपये की राशि दी है । यह धनराशि उनके खाते में भेजी गई है।

क्या है बेस्ट विजेल अवार्ड योजना
 स्वास्थ्य विभाग की इस योजना में बेस्ट विलेज उसे चुना जाता है जिसने पूरे वर्ष में लिंगानुपात में अच्छा प्रदर्शन किया है। जहां लोग जागरूक हुए हैं। इस अवार्ड के लिए स्वास्थ्य विभाग अपने लिंगानुपात के आंकड़ों में से गांव का चयन करता है। चयन होने के बाद शिक्षा विभाग से गांव में पढ़ने वाली तीन 10वीं की टॉपर्स बेटियों के खाते में कुल डेढ़ लाख रुपये की धनराशि स्थानांतरित की जाती है। पूर्व में इस योजना में सरपंचों को यह धनराशि दी जाती थी। मौजूदा सरकार के आने के बाद यह धनराशि टॉपर्स बच्चियों को दी जाने लगी।

जागरुकता से बढ़ाया लिंगानुपात
धीन गांव के सरपंच सतविंदर सिंह बब्बू ने बताया कि हम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के उद्देश्य पर काम कर रहे हैं। गांव में तीन स्तर की जागरूकता अपनाई गई। समय- समय पर आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूलों में जाकर बेटियों और उनके परिजनों को प्रोत्साहित करते हैं। गांव की आम सभा में बेटियों को आगे लाने के बारे में कहा जाता है। लिंगानुपात पर ही दो साल से ध्यान दिया गया है।
 


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Content Writer

Isha

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