शादी-विवाह में डीजे बैन का विरोध: पिंगाँव महापंचायत में पहुंचे संचालक, कहा- ''छिन जाएगी रोजी-रोटी''
punjabkesari.in Monday, Oct 19, 2026 - 12:09 PM (IST)
फरीदाबाद (अनिल राठी): शादी-विवाह में फिजूलखर्ची और सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए हो रही महापंचायतों के बीच अब डीजे संचालक भी विरोध में उतर आए हैं। डीजे संचालकों का कहना है कि शादी-विवाह में डीजे बजाने पर रोक लगाने के फैसले से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा। इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में डीजे संचालक पिंगाँव में आयोजित महापंचायत में पहुंचे और अपना पक्ष रखा।
डीजे संचालकों का कहना है कि समाज में कई दूसरी कुरीतियां भी हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है, लेकिन केवल डीजे पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि एक डीजे के काम से करीब पांच लोग जुड़े होते हैं और उनके परिवारों की आजीविका इसी काम पर निर्भर करती है। ऐसे में डीजे बंद होने से कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
डीजे संचालकों ने पंचायत में अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर साउंड सिस्टम पर रोक लगाने का फैसला लिया जाता है, तो यह नियम सभी तरह के साउंड सिस्टम पर समान रूप से लागू होना चाहिए। केवल डीजे संचालकों को निशाना बनाने से उनके साथ जुड़े लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।
डीजे संचालकों का कहना है कि वे भी उसी समाज का हिस्सा हैं, जिसके लोग महापंचायतों में शामिल होकर सामाजिक सुधार की बात कर रहे हैं। इसलिए कोई भी फैसला लेने से पहले उन परिवारों की रोजी-रोटी के बारे में भी विचार किया जाना चाहिए, जिनका गुजारा डीजे के कारोबार से चलता है। अब देखना होगा कि डीजे संचालकों की इस मांग पर महापंचायतें क्या रुख अपनाती हैं और सामाजिक सुधार के साथ-साथ रोजगार बचाने के मुद्दे पर क्या सहमति बनती है।