5000 करोड से विकास कार्यों के कारण पंचकूला चंडीगढ़ और मोहाली से किसी दृष्टि से कम नहीं: ज्ञान चंद गुप्ता

punjabkesari.in Friday, Apr 08, 2022 - 04:48 PM (IST)

चंडीगढ़(चंद्रशेखर धरणी): लंबे समय तक अनदेखी का शिकार रहा पंचकूला आज प्रदेश के सभी जिलों में सबसे अधिक रफ्तार से विकास के पथ पर अग्रसर है। इन 7 सालों में केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 5000 करोड रुपए के विकास कार्य मात्र पंचकूला में करवाए गए हैं। इस  उपलब्धि का पूरा श्रेय यहां के विधायक ज्ञान चंद गुप्ता को जाए तो गलत नहीं होगा। मुख्यमंत्री के बेहद चहेते विधायक ज्ञान चंद गुप्ता अपने दूसरे मोर्चे को भी बखूबी संभाल रहे हैं। ज्ञान चंद गुप्ता प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष भी हैं। उनके अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से ना केवल सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष के विधायक भी उनकी सराहना करते नहीं थकते हैं। सभी को एक नजर से देखते हुए समय-समय पर गुप्ता ने विपक्ष के विधायकों को भी उनके अधिकार दिलवाने का प्रयास किया है। बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष पद संभालने के बाद उन्होंने कई बदलाव विधानसभा के दौरान किए। जिनके बहुत सकारात्मक परिणाम नजर आए हैं। पंचकूला के विकास का एक और महत्वपूर्ण कारण देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी पंचकूला से गहरा नाता रहा है। 10 अप्रैल को पंचकूला में गुप्ता एक बड़ी जंग रैली का आयोजन करने जा रहे हैं। जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल जनता को संबोधित करेंगे और लगभग 350 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे। कई महत्वपूर्ण विषयों को लेकर गुप्ता से पंजाब किसी ने विशेष बातचीत की। कुछ आपके सामने प्रस्तुत हैं:-

प्रशन:- 10 अप्रैल को होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताएं ?
उत्तर:-
यह कार्यक्रम पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में 10 अप्रैल को सुबह 10 बजे होगा। जिसमें एक विशाल जन रैली का आयोजन किया गया है। पंचकूला के विकास को जन-जन तक पहुंचाना इसका लक्ष्य है और प्रदेश के यशस्वी, इमानदार और कर्मठ मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस रैली को संबोधित करेंगे। लंबे समय से अनदेखी का शिकार विकास से दूर रखे गए पंचकूला ने पिछले 7 साल में जो विकास की रफ्तार पकड़ी, केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा करीब 5000 करोड रुपए की भारी-भरकम रकम के विकास कार्य करवाएं गए, उसे आम आदमी तक पहुंचाना इस रैली का लक्ष्य है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल  350 करोड़ की योजनाओं का  शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे।

प्रशन:- विकास के क्षेत्र में सबसे अग्रणी जिला पंचकूला को लेकर आगामी क्या रोड मैप है ?
उत्तर:-
पंचकूला के विकास को लेकर मै प्रदेश के मुख्यमंत्री का धन्यवादी हूं। उनकी विशेष कृपा पंचकूला विधानसभा पर पहले दिन से ही रही है। उनके आशीर्वाद से ही एक नई परिभाषा पंचकूला लिखने में कामयाब रहा है। लंबे समय से उपेक्षित पंचकूला आज चंडीगढ़ और मोहाली से किसी दृष्टि से कम नहीं है। लेकिन इसे और विकसित करना हमारा लक्ष्य है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने केवल मोरनी क्षेत्र को पर्यटन स्थल विकसित करने को लेकर लगभग 100 करोड रुपए का बजट पास किया है। मेरा मानना है कि अगर यह क्षेत्र पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी पहचान बना पाने में सफल रहा तो पंचकूला और अधिक गति से आगे बढ़ पाने में सफल होगा।

प्रशन:- क्या मेडिकल कॉलेज की भी आप मुख्यमंत्री से मांग करेंगे ?
उत्तर:-
इस बजट सत्र के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पंचकूला मेडिकल कॉलेज की पहले से ही घोषणा कर रखी है। पंचकूला में पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर लगभग तैयार है। 300 बेड का अस्पताल यहां पहले से मौजूद है। थोड़े से प्रयासों से ही यहां मेडिकल कॉलेज स्थापित हो सकता है। इसलिए हम मुख्यमंत्री से विशेष निवेदन करेंगे कि पंचकूला का मेडिकल कॉलेज शुरू किया जाए। इसके साथ-साथ नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी, 65 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन सेक्टर 20 से 25 तक घग्घर ब्रिज और आयुष का एम्स जैसे बहुत से विकास कार्य चल रहे हैं। उन्हें जल्द से जल्द पूरा करवाने के भी हमारे प्रयास हैं। 

प्रशन:- आपके अथक प्रयासों से मेट्रोपॉलिटन सिटी बने पंचकूला को लेकर कब तक विकास कार्यों में इजाफा देखना को मिल सकता है ?
उत्तर:-
मेट्रोपॉलिटन सिटी की गाइडलाइन के मुताबिक पंचकूला जल्द से जल्द डेवेलप हो, मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी पूर्ण रूप से जल्द कार्य करना शुरू कर दें, इसकी घोषणा इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री करने जा रहे हैं। जिसके बाद पंचकूला के विकास में चार चांद लगेंगे।

प्रशन:- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंचकूला से विशेष लगाव का कारण क्या है ?
उत्तर:-
पंचकूला देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 5 साल तक की कर्म स्थली रही है। जहां उन्होंने एक हिसाब से जीवन की बड़ी तपस्या की है। इसी का एक बड़ा लाभ पंचकूला को हो रहा है। एनएच 73 2014 से पहले लंबे समय तक पेंडिंग रहा, नरेंद्र मोदी द्वारा तुरंत सरकार बनने पर 1250 करोड़ की लागत से इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ। केंद्र सरकार द्वारा पंचकूला को आयुष ऐम्स का तोहफा दिया। जिसमें लगभग 500 करोड रुपए की लागत आएगी। इसका कार्य शुरू हो चुका है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी 150 करोड़ की लागत से बनेगी यह भी निर्माणाधीन है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धार्मिक आस्था के प्रतीक माता मनसा देवी और गुरुद्वारा नाडा साहब के विकास के लिए 25-25 करोड़ रुपए की ग्रांट दी। प्रधानमंत्री की भावना और प्रेम तो पंचकूला के साथ है ही, मुख्यमंत्री ने भी यहां के विकास में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी है।

प्रशन:- पंजाब से अपना हिस्सा लेने को लेकर आपके क्या प्रयास रहने वाले हैं ?
उत्तर:-
मुझे लगता है कि समस्या का बेहतर समाधान टेबल पर बैठकर ही सही ढंग से हो पाएगा। विधानसभा में अपना बाकी 13 फ़ीसदी हिस्सा लेने की मांग को लेकर पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष से मेरी चर्चा हुई थी। अब पंजाब विधानसभा का नया अध्यक्ष बना है। उनसे मिलकर मैं उन्हें समझाने का प्रयास करूंगा कि यह विवादित मुद्दा नहीं है। यह फैसला पहले ही 60-40 की रेशो से फाइनल हुआ हुआ है। लेकिन विधानसभा में अभी तक 40 में से मात्र 27 फ़ीसदी ही हरियाणा को मिल पाया है। जबकि फैसले के दौरान विधानसभा में कमरे- स्थान इत्यादि सभी सुनिश्चित किए गए थे। अब नव नियुक्त पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष से आशा है कि वह हरियाणा के हिस्से का क्षेत्र देने के बारे में अवश्य सोचेंगे। क्योंकि यह कोई नया मामला नहीं बल्कि इस बारे पहले ही हमारी तीन बैठकें हो चुकी हैं और हम पहले से उस पर क्लेम कर रहे हैं जो कि पंजाब चुनावों के कारण कुछ समय से यह प्रयास हमारे डिले हुए हैं। अब फिर से हम अपने 13 फ़ीसदी हिस्से को लेने के प्रयास शुरू करेंगे।

प्रशन:- नए विधानभवन के लिए आईटी पार्क इत्यादि के आसपास के क्षेत्र की भी ऑफर के बारे में बताएं ?
उत्तर:-
यह राय उनकी तरफ से आई थी। बेहद खुशी की बात है कि उन्होंने यह तो मान लिया कि नए विधान भवन की आवश्यकता है। यह स्थान सूटेबल हो- अच्छा हो, यह हमारे प्रयास रहेंगे। कैपिटल कंपलेक्स की डेफिनेशन में साफ लिखा है कि लोकतंत्र के जुडिशरी, लेजीस्ट्रेचर, ब्यूरोक्रेसी यह तीन अंग है और इनकी मजबूती के लिए भवन कैपिटल कांपलेक्स के अंदर ही बनाया जाए। इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं है। हाई कोर्ट में भी कुछ समय पहले 20 कमरे और मल्टी लेवल पार्किंग बनाई गई है। मुझे लगता है कि विधानसभा और सचिवालय के नजदीक ही हमें जगह मिले तो ज्यादा बेहतर होगा।

 


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Content Writer

Isha

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