अब फाइलों में नहीं अटकेगा व्यापार! 30 दिन में मिलेगी मंजूरी...Haryana Goverment लाने जा रही ये खास बिल

punjabkesari.in Friday, May 01, 2026 - 08:50 AM (IST)

चंडीगढ़: राज्य सरकार प्रदेश में निवेश बढ़ाने और कारोबार को आसान बनाने के लिए बड़े स्तर पर नियमों में ढील देने जा रही है। इसके लिए सरकार ओम्निबस बिल (सर्वग्राही विधेयक) लाने की तैयारी कर रही है। ओम्निबस बिल के तहत अलग अलग विभागों के कई नियमों और सुधारों को एक ही कानूनी ढांचे में शामिल किया जाएगा। चंडीगढ़ में कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक और मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों ने 28 प्राथमिकता वाले सुधार क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की।

कारोबारियों र नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर  
ऑइस बिल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कारोबारियों को बार-बार अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे प्रशासनिक कामकाज में अत्यधिक नियमों, औपचारिकताओं और फाइलों के लंबे समय तक अटकने के कारण कार्यों में होने वाली बेवजह की देरी नहीं होगी।

साथ ही अनावश्यक लाइसेंस और एनओसी घटेंगे और मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी। शरकार लगभग 30 दिन से व्यावसायिक स्वीकृति देने के लिए सर्विस लेवल एग्रीमेंट लागू करेगी। समय सीमा पर निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड भी विकसित होगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सुधार के तहत औद्योगिक प्लॉट के उप-विभाजन, पूर्व स्वीकृति के बिना व्यावसायिक गतिविधियों में बदलाव, संपत्तियों के हस्तांतरण या सब-लीज की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है।

 उद्यमी  स्व-घोषणा के आधार पर काम शुरू कर सकेंगे
प्रदेश के करीब 70 फीसदी क्षेत्रों में चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) की जरूरत खत्म है जबकि बाकी क्षेत्रों में भी इसे ऑटोमैटिक करने की तैयारी है। हरियाणा राइट टू बिजनेस एक्ट के तहत उद्यमी स्व-घोषणा के आधार पर काम शुरू कर सकेंगे। पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये का सक्षम फंड प्रस्तावित है। निर्माण क्षेत्र में कब्जा प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक अनुमति को सरल बनाने और कई अनावश्यक एनओसी को हटाने का प्रस्ताव है। हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन केंद्र को एक सशक्त सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Isha

Related News

static