दांत के एक्स-रे के लिए भी लिखा जा रहा है मरीज का कोरोना टेस्ट !

10/24/2020 10:46:57 AM

फरीदाबाद (ब्यूरो) : स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के बीच बीके अस्पताल दंत रोग विभाग की ओपीडी सेवाएं शुरू तो कर दी, लेकिन मरीजों को राहत मिलना तो दूर ठीक से देखा तक नहीं जा रहा है। चिकित्सकों के दिमाग पर कोरोना का खौफ इस कदर छाया हुआ है कि वह मरीज को दूर से ही देखकर दवा लिख रहे हैं और अपनी इतिश्री पूरी कर रहे है। दर्द से कराहते मरीज को कोरोना के डर से ऑपरेट तक नहीं किया जा रहा।

मरीज को कोरोना का कोई लक्षण नहीं होने के बावजूद भी दांतों के एक्स-रे के लिए भी डेंटिस्ट कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट मांग रहे हैं। जबकि नियमानुसार लक्षणों के आधार पर ही ऐसा किया जाना चाहिए। इसके चलते मरीजों को केवल दवा लिखकर रवाना कर दिया जाता है। दांत का दर्द दिखाने बीके अस्पताल गई मरीज कल्पना सिंह ने बताया कि उसकी मुंह में बायीं दाड़ टूट जाने से उसके दांत में पिछले दो-तीन दिन से दर्द हो रहा है। जिसके लिए वह बीके अस्पताल में डेंटिस्ट डॉ वंदना अरोड़ा को दिखाने पहुंची। लेकिन डॉक्टर का रवैया इतना डरा देने वाला था कि डॉक्टर स्वयं ही मरीज को देखने को तैयार नहीं थी और कोरोना से भयभीत लग रही थी।

उन्होंने ज्यादा परेशानी होने के बावजूद ऑपरेट करना तो दूर देखना भी उचित नहीं समझा। ओपीडी कार्ड पर केवल उन्होंने दवा लिखकर कोरोना जांच कराने की बाद कह दी और उसके बाद एक्स-रे के लिए रिपोर्ट लेकर आने को कह दिया। जबकि मरीज का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने बीके अस्पताल की ओपीडी में इमरजेंसी के लिए ही दंत चिकित्सा शुरू की है। लेकिन यहां आकर मरीजों को समय खराब कर लौटाया जा रहा है। जबकि मरीज को किसी तरह का कोई कोरोना या किसी तरह का बुखार भी नहीं था। इस पर डेंटिस्ट डॉ वंदना अरोड़ा का कहना था कि इन दिनों कोरोना चल रहा है। दांतों का एक्स-रे लेने के लिए मरीज का कोरोना टेस्ट अनिवार्य है। जिसके चलते हम मरीज को ऑपरेट नहीं कर सकते। 


Manisha rana

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