विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण की माता को श्रद्धांजलि देने जुटी राजनीतिक हस्तियां
punjabkesari.in Sunday, Mar 22, 2026 - 09:01 PM (IST)
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी ): हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण की दिवंगत माता प्रेम कौर कल्याण का श्रद्धांजलि समारोह रविवार को करनाल जिले में उनके पैतृक गांव कुटेल स्थित कल्याण फार्म में आयोजित किया गया। इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, अनेक मंत्री, विधायकों समेत बड़ी संख्या में राजनीतिक हस्तियां, संत समाज, प्रशासनिक अधिकारी तथा समाज के गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
पूरे परिवार को संस्कारित करने वाली आदर्श माता : देवव्रत
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि मंच के पीछे लगी पूज्य माता जी की तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि वे सहज, सरल व शिल्पी थी जिन्होंने पूरे परिवार को संस्कारित किया। हरविन्द्र कल्याण और उनके परिजन आज समाज में जो प्रतिष्ठा प्राप्त कर रहे हैं उसके पीछे माता जी का अहम योगदान रहा है। आचार्य देवव्रत ने कहा कि माता जी की सरलता और सौम्यता का स्वरूप हरविन्द्र कल्याण में देखने को मिलता है। पूज्य माता जी खुद में एक ऐसी भारतीय नारी के व्यक्तित्व से परिपूर्ण थी जो बोलती कम और करती बहुत ज्यादा थी। पूरे जीवन में संघर्ष व परिश्रम करके रास्ता बनाना तथा बच्चों के लिए मार्ग प्रशस्त करना सुघड़ नारी के वश की ही बात होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में मां का ऊंचा स्थान है।
मां पूरी दुनिया होती है जो बिन मांगे सब कुछ देती हैं : नायब सैनी
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि मां ऐसा शब्द है जिसकी पूर्ति नहीं हो सकती। मां पूरी दुनिया होती है जो बिन मांगे सब कुछ देती हैं। मां प्रेम कौर कल्याण का जीवन प्रेम , त्याग और तपस्या से भरा रहा है। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चल कर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
इससे पूर्व उन्होंने स्व. प्रेम कौर कल्याण के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मां का सपना होता है कि उसका बेटा नई ऊंचाइयों को छुए। हरविन्द्र कल्याण ने मां के संस्कारों को आगे बढ़ाया है। मां की तपस्या के कारण पूरे परिवार ने प्रगति की है। मुख्यमंत्री ने निवेदन किया कि मां प्रेम कौर कल्याण का जीवन हम सबके लिए मार्गदर्शन के रूप में सदैव मन में रहे। अपील की कि प्रेम कौर कल्याण के दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि यह माता कल्याण कौर की ही देन है कि हरविन्द्र कल्याण जैसा कर्मठ, समर्पित और समाजसेवी हमें मिला है।
विस अध्यक्ष ने श्रद्धांजलि समारोह में पहुंचे लोगों का जताया आभार
विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने श्रद्धांजलि समारोह में पहुंचे सभी लोगों को आभार जताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता का रिश्ता हर व्यक्ति के जीवन में अलग स्थान रखता है। भारतीय संस्कृति में मां को भगवान के बराबर का दर्जा दिया जाता है। श्री कल्याण ने कहा कि माता जी ने जीवन को समझने की सोच दी। अच्छाई-बुराई का अंतर समझाया। मां बचपन में अंगुली पकडक़र चलना सिखाती है, बच्चों को बड़ा करती है। यह सब चीजें यादों में बसी होती हैं। उन्होंने कहा कि माता जी ने कभी डांटा नहीं। गलती होने पर कहानी के माध्यम से उसका अहसास करा देती थी। यह उनकी महानता रही कि उन्होंने हमेशा अंतहीन प्यार, शांति, सुरक्षा का माहौल दिया। उनके मुख से कभी किसी की बुराई नहीं सुनी। उन्होंने कर्म करो और संयम रखने के लिए प्रेरित किया। वे हमेशा कहती थी कि किसी का दिल मत दुखाओ। इतना ही नहीं शिक्षा के मामले में उन्होंने कभी समझौता नहीं किया। श्री कल्याण ने कहा कि माता जी के अंदर उन्होंने लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के रूप को देखा।
इस मौके पर स्व. प्रेम कौर कल्याण को श्रद्धांजलि देने वालों में कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा, राव नरबीर सिंह, मुख्य सचेतक रामकुमार कश्यप, विधायक जगमोहन आनंद, योगेंद्र राणा, भगवानदास कबीरपंथी, प्रमोद विज, चंद्रमोहन बिश्नोई, पूर्व विधायक बिशन लाल सैनी, प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, रमेश कश्यप, आईपीएस आलोक मित्तल, एडीजीपी डा. रवि किरण, एचसीएस गौरव कुमार, पूर्व मंत्री शशि पाल मेहता, कंवरपाल गुर्जर, सुभाष सुधा, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, पूर्व वीसी राधेश्याम शर्मा, विधान सभा सचिव राजीव प्रसाद, जिला भाजपा अध्यक्ष प्रवीण लाठर, पानीपत के जिला भाजपा अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य आजाद सिंह नेहरा, घरौंडा पालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता, जिला भाजपा प्रभारी भारत भूषण जुआल, हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक वीरेंद्र चौहान, मंडल अध्यक्ष रोहित भंडारी, वरिष्ठ भाजपा नेता बृज गुप्ता, स्वामी संपूर्णानंद सरस्वती, अंबाला से वीरेश शांडिल्य, शिक्षा मंत्री के भाई हरपाल ढांडा, राज्य सभा सदस्य संजय भाटिया के पुत्र चांद भाटिया, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि कविंद्र राणा, शिक्षाविद एमएल रंगा तथा विभिन्न राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं से जुड़े लोग शामिल रहे।