हरियाणा के 66 शहरों में निकाय चुनावों की तैयारियां शुरू, इस आधार पर होगी नई वार्डबंदी ; नोटिफिकेशन जारी
punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 02:25 PM (IST)
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा में अगले वर्ष होने वाले 20 नगर परिषदों और 46 नगर पालिकाओं के आम चुनावों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने सभी 66 निकायों में वार्डों के परिसीमन (वार्डबंदी) की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। इस बार वार्डों का निर्धारण एक अक्टूबर 2026 को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) डाटा में दर्ज जनसंख्या को आधार बनाकर किया जाएगा।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। निर्देशों के अनुसार प्रत्येक निकाय में जनसंख्या के अनुपात के आधार पर वार्डों की नई सीमाएं तय की जाएंगी। प्रारूप तैयार होने के बाद आमजन से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे, जिनके निस्तारण के बाद अंतिम अधिसूचना जारी होगी। इसी वार्डबंदी के आधार पर आगामी निकाय चुनाव कराए जाएंगे।इस बार डोर-टू-डोर सर्वे की बजाय परिवार पहचान पत्र डाटा को आधार बनाया जाएगा। इसके अनुसार वार्डों और कॉलोनियों का पुनर्गठन कर जनसंख्या का संतुलन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे प्रत्येक वार्ड में लगभग समान आबादी रहे।
इन निकायों में होंगे चुनाव
प्रदेश की 20 नगर परिषदों और 46 नगर पालिकाओं में आम चुनाव प्रस्तावित हैं। नगर परिषदों में चरखी दादरी, फतेहाबाद, टोहाना, सोहना, हांसी, बहादुरगढ़, जींद, नरवाना, कैथल, नारनौल, पलवल, होडल, मंडी डबवाली, गोहाना, कालका, झज्जर, नूंह, भिवानी, समालखा और बरवाला शामिल हैं। वहीं नगर पालिकाओं में कुंडली, सढ़ौरा, इस्माइलाबाद, नारायणगढ़, रतिया, भूना, सफीदों, उचाना, घरौंडा, तरावड़ी, असंध, निसिंग, शाहाबाद, लाडवा, पिहोवा, चीका, राजौंद, महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी, फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, बावल, महम, ऐलनाबाद, रानियां और गन्नौर सहित अन्य निकायों में चुनाव होंगे।
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अगले जून में पूरा होगा 46 निकायों का कार्यकाल
प्रदेश के 46 शहरी निकायों का वर्तमान कार्यकाल जून 2027 में समाप्त होगा। इनमें 18 नगर परिषद और 28 नगर पालिकाएं शामिल हैं। इन निकायों के चुनाव 19 जून 2022 को हुए थे। कार्यकाल समाप्त होने से पहले वार्डबंदी और मतदाता सूची से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने की तैयारी है। नई वार्डबंदी के जरिए जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर सरकार का विशेष जोर रहेगा।