विभाजन विभिषिका की घटनाओं को इतिहास में संजोय रखें- मनोहर लाल

punjabkesari.in Friday, Aug 14, 2026 - 06:49 PM (IST)

गुड़गांव, (ब्यूरो): केन्द्रीय ऊर्जा एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विभाजन विभिषिका की घटनाओं को इतिहास में संजोय रखने और हर परिवार युवाओं को जागरूक करने के लिए इसे राष्ट्रीय पाठयक्रमों में लागू किया जाए। केन्द्रीय ऊर्जा एवं आवासन मंत्री गुरूग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस को सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने स्मृति की दीवार पर पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पाठयक्रमों में लागू किए जाने से हरियाणा के साथ-साथ देशभर के युवाओं को विभाजन विभिषिका की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा युवाओं में राष्ट्रीय एकता और देश भक्ति की भावना भी बढ़ेगी। इससे युवाओं को देश के लिए प्रेरणा मिलेगी और वे राष्ट्र के लिए जीवन समर्पण करना सीखेंगे। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि दुनिया में अनेक घटनाएं हुई। यूक्रेन युद्ध, यूरोप में द्वितीय युद्ध हुआ, लेकिन इतने लोग नहीं मारे गए। विभाजन विभिषिका की त्रासदी के दौरान 70 लाख से अधिक लोग मारे गए और शहीद हो गए। डेढ से दो करोड़ परिवार विस्थापित हुए। इन घटनाओं पर विचार करें तो मन बड़ा दुखी और विचलित हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विभाजन विभिषिका मनाने की घोषणा करके बड़ा ही सराहनीय कार्य किया है। 

 

देश के नक्शे पर दिल को चीरने वाली दो लकीरें खींच दी गई

मनोहर लाल ने कहा कि यह दिन दोहरी भावना का है। विभाजन को याद करते हैं तो भारत माता की आजादी के लिए निकले तथा बंटवारे को याद करते हैं तो पंजाब व बंगाल के दो हिस्से करके भारत माता की दो बाजुएं काट दी गई। लोगों ने भयंकर त्रासदी को झेला। उन्हें यह मालूम नहीं था कि आजादी की इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि देश के नक्शे पर दिल को चीरने वाली दो लकीरें खींच दी गई। लोगों को इंटरनेशनल लाईन की जानकारी नहीं थी। इसलिए दो दिन तक लाखों लोगों को इधर उधर घूमना पड़ा। 

सामाजिक संगठनों ने विस्थापितों को त्रासदी से बाहर निकाला

मनोहर लाल ने कहा कि जो देश से प्रेम करते थे, उन्हें विभाजन के बाद अम्बाला, कुरूक्षेत्र आदि अनेक जगहों पर कैंपों में रखा गया। आरएसएस, आर्य समाज, सेवा दल आदि संगठनों ने मिलकर सेवा भाव से कार्य कर विस्थापितों को त्रासदी से बाहर निकाला। उस दौरान हिंदू और सिख परिवारों को पाकिस्तान में जाने का लालच दिया गया, लेकिन उन्होंने भारत आने का निर्णय लिया जो देश की संस्कृति से लगाव को दर्शाता है। 

 

देश की अर्थव्यवस्था को दुरूस्त कर, अपने पैरों पर आगे बढे

केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि समाज के लोगों को आरक्षण देने पर बहस चली, जिसे मना कर दिया गया। वे पुरूषार्थी बनकर देश की अर्थव्यवस्था दुरूस्त करने के साथ अपने पैरों पर खड़ा होकर आगे बढे। अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए, स्वरोजगार की ओर चलते हुए उद्योगों में भी शामिल हुए। इससे पूर्व विभाजन विभिषिका पर डोक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई। केन्द्रीय राज्य मंत्री राव इन्द्रजीत ने भी विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए। 

 

समारोह को सम्बोधित करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव ने कहा कि 1947 के कतले आम ने बड़े बुजुर्गो, माताओं, बहनों ने ही नहीं बच्चों ने भी कुर्बानी दी। इसे भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिल में तड़प जगी तथी उसकी स्मृति में विभाजन विभिषिका मनाने का निर्णय लिया गया। इससे पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने उसकी याद में कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि विभिजन विभिषिका की स्मृति में राष्ट्रीय स्मारक बनाया जाए और इसे पाठयक्रम में भी शामिल किया जाए।  


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Content Editor

Pawan Kumar Sethi

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